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💢पुराना पैसे💢अंबाला। प्राचीन बब्याल गद्दी, श्री गोगा मंदिर दलीप गढ़ में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में गुरु गोरखनाथ जी को समर्पित खिचड़ी वितरण की 52 साल पुरानी परंपरा को निभाते हुए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। योगी दिनेश नाथ ने बताया कि इस बार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश और एकादशी तिथि के संयोग के कारण यह पर्व 15 जनवरी, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस परंपरा का इतिहास दिलचस्प है। मंदिर के योगी दिनेश नाथ ने बताया कि वर्ष 1973 में स्वर्गीय योगी शमशेरनाथ ने एक छोटी सी कड़ाही में खिचड़ी बनाकर बांटने की शुरुआत की थी, देखते ही देखते यह परंपरा विशाल रूप ले चुकी है। अब हर साल मकर संक्रांति पर लगभग ढाई क्विंटल देसी घी की खिचड़ी तैयार कर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं में वितरित की जाती है।
️सिल्वर रिसीव,बागेश्वर के दाड़िमठौक गांव में घर के भीतर अंगीठी से निकली गैस के कारण एक ही परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए। प्रभावितों में बच्ची भी शामिल है।
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अल्ट्रा ऑफर, सारमाघ मेले में तीन हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। 44 दिन तक चलने वाले मेले में 15 से 20 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। पांच लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है। अयोध्या, वाराणसी और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से वहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Fri, 14 Nov 2025 01:35 PM IST
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बागेश्वर। उत्तरायणी कौतिक के लिए नगर सज चुका है। मंदिर और पुल बिजली की रोशनी से जगमगाने लगे हैं। मेला स्थल नुमाइशखेत मैदान में झूले लग चुके हैं। मंच निर्माण का काम अंतिम चरण में चल रहा है। कल विधिवत रूप से मेले का शुभारंभ किया जाएगा।
पुराना ऐप, संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Thu, 08 Jan 2026 11:37 PM IST
मासिक पॉइंट्स विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को भगवान शिव की तपोभूमि एवं नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक में मां नर्मदा के पावन शक्तिपीठ में दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मोबाइल ईज़ी, बांदा। यूपी वक्फ बोर्ड में दर्ज पंजीकृत प्राचीन सार्वजनिक कब्रिस्तान की भूमि पर ग्राम पंचायत द्वारा बरात घर निर्माण शुरु कराने का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने भी बबेरू एसडीएम को पत्र भेजकर वक्फ संपत्ति की सुरक्षा का अनुरोध किया है।







