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💢कूपन ऑफर💢विस्तारFollow Usसरगुजा जिले के सीतापुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत भारतपुर के लकरालता टोला में सड़क सुविधा की गंभीर कमी के कारण ग्रामीणों को एक चौंकाने वाली स्थिति का सामना करना पड़ा।
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मनरेगा में किए जा रहे बदलावों के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी की गिरफ्तारी और छात्र कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने सोमवार को सरगुजा जिला के अंबिकापुर में घड़ी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष आशीष जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान मोदी-योगी का पुतला दहन कर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
मेगा वॉच, सारसांसद बेनीवाल ने मांगपत्र देकर पार्थिव शरीर को भारत सरकार के खर्च पर शीघ्र लाने, मौत की विस्तृत जांच कराने तथा कतर में फंसे हीराराम मेघवाल और रोशन अली की सुरक्षित व तत्काल वापसी सुनिश्चित करने की मांग की।
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:31 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Tue, 18 Nov 2025 06:28 PM IST
सारवन विभाग के सर्वे में यहां मौजूद लगभग 20 लाख साल के पेड़ों में से 10,563 पेड़ इस कीट से प्रभावित पाए गए हैं, जो कुल संख्या का करीब 6.5 प्रतिशत है। वर्ष 1997 में भी इसी तरह का संक्रमण फैलने पर हजारों पेड़ काटकर रोकथाम की गई थी।
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डिस्काउंट विस्तारFollow Usगुजरात में शराब बिक्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद वहां चोरी-छिपे अवैध शराब की सप्लाई लगातार जारी है। तस्कर इस काम के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में सामने आया, जहां पुलिस ने सेनेटरी नैपकिन के कार्टनों की आड़ में तस्करी कर ले जाई जा रही 50 कार्टन अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। जब्त शराब की कीमत करीब 5 लाख 25 हजार रुपए आंकी गई है।
अल्ट्रा डाउनलोड, विस्तारFollow Usजिले के मुंगावली, बहादुरपुर और आसपास के क्षेत्रों के 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करा लिया गया है। स्थानीय पुलिस महाराष्ट्र पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी मजदूरों को वापस लेकर आई। ये मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के बासी थाना क्षेत्र के गिरोली गांव में बंधक बनाए गए थे। वहां उन्हें न तो मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था और न ही उन्हें अपने घर लौटने दिया जा रहा था। उन्हें अपने परिजनों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी।







