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️इनाम क्लिक,अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:23 PM IST
तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन-चाहे गुटखा हो या धूम्रपान-सेहत के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है। यह ओरल कैंसर, फेफड़ों की बीमारियों, पाचन संबंधी समस्याओं और अन्य क्रॉनिक रोगों का प्रमुख कारण है। भारत में 25.3 करोड़ से अधिक लोग तंबाकू का उपयोग करते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ बढ़ रहा है। शोध बताते हैं कि तंबाकू छोड़ने के कुछ ही दिनों में शरीर में सकारात्मक बदलाव शुरू हो जाते हैं, जिससे कई बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है। स्वस्थ जीवन के लिए तंबाकू से दूरी बनाना जरूरी है।
कूपन, सारबरेली में कन्हैया गुलाटी समेत पांच लोगों के खिलाफ बारादरी थाने में एक और रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अयोध्या के पांच लोगों ने यह मामला दर्ज कराया है, जिसमें गुलाटी और उसके गैंग पर 2.32 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है।
अयोध्या। मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर और दवा विक्रेताओं (मेडिकल स्टोर संचालकों) के गठजोड़ से रोगियों का शोषण जारी है। इक्का-दुक्का सामान खरीदने गए रोगियों को कई मेडिकल स्टोर से कई गैर जरूरी सामान थमाकर मोटी रकम वसूली जा रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी ठोस पहल नहीं कर रहा है।
बिनौली। बिनौली में बंदरों ने 20 से अधिक बच्चों व लोगों को काटकर घायल कर दिया है। इससे लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रधान से बंदरों को पकड़वाने की मांग की है।
महंगाई को मात देने और लंबी अवधि में अपनी पूंजी को बढ़ाने के लिए इक्विटी को हमेशा से सबसे सशक्त माध्यम माना गया है। फिक्स्ड इनकम या पारंपरिक निवेश के साधनों की तुलना में, इक्विटी में लंबी अवधि के दौरान 'परचेजिंग पावर' को न केवल बनाए रखने बल्कि उसे बढ़ाने की क्षमता अधिक होती है।
डायमंड वॉच, संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:43 PM IST
गोल्ड पैसे विस्तारFollow Usआगामी पंचायत चुनावों को लेकर बानसूर उपखंड में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में उपखंड प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपखंड की 23 ग्राम पंचायतों में वार्डों के पुनर्गठन का प्रारूप आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बन गया है, क्योंकि नए वार्ड बनने से कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने बताया कि वार्डों का नया निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर किया गया है। प्रशासन ने कोशिश की है कि वार्डों का बंटवारा पूरी तरह न्यायसंगत हो और सभी वार्डों में जनसंख्या का संतुलन बना रहे।
गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:05 AM IST
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