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💢वीडियो कूपन💢राजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानीUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:25 AM IST
ट्रांसफर पॉइंट्स, विस्तारFollow Usबीजापुर में विधायक विक्रम मंडावी ने आज जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग का बीजापुर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां संविधान की पांचवीं अनुसूची लागू है। 25 जनवरी 1994 से पंचायती राज व्यवस्था के साथ ही प्रदेश में पेसा कानून भी लागू है। इनके तहत ग्राम सभा सर्वोपरि है और गांव में किसी भी विकास कार्य के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। यह संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है।
सारलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पूरी रात जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों में दौरे पर रहे। उन्होंने ग्रामीणों की व्यथा सुनी, टूटे मकानों व फसलों का निरीक्षण किया और हर पीड़ित परिवार को राहत और पुनर्वास का भरोसा दिलाया।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Fri, 24 Oct 2025 09:37 AM IST
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