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️लाइक,विस्तारFollow Usमातृत्व किसी भी महिला के जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है। हालांकि गड़बड़ होती लाइफस्टाइल और खानपान से संबंधित दिक्कतों ने इस सुख से लाखों दंपत्तियों को वंचित रखा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में ऐसा ही एक मामला देखा गया है जहां दंपत्ति को इस सुख के लिए 12 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा। ये सुख मिला भी तो नवजात का जन्म समय पूर्व हुआ और उसे हार्ट से संबंधित समस्या भी थी। हालांकि डॉक्टर्स की टीम ने चिकित्सा कौशल की मिसाल पेश करते हुए न सिर्फ नवजात की जीवनरक्षक हृदय सर्जरी की बल्कि बच्ची को स्वस्थ करके छुट्टी दे दी।
कटारमल स्थित सूर्य मंदिर में उमड़ी लोगों की भीड़।- फोटो : स्रोत सूचना विभाग
छोटा गेट, सारबालाघाट में नक्सली संगठन छोड़ चुकी सुनीता ने तीन साल बाद माता-पिता से मिलकर नई ज़िंदगी की शुरुआत की। नक्सलियों ने उसे जबरन दलम में शामिल किया था। आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी और पुनर्वास की तैयारी शुरू की। एसपी ने नक्सली विचारधारा को खोखला बताया।
सारक्रेडिट कंपनी के शाखा प्रबंधक और तीन अन्य कर्मचारियों ने महिलाओं को दिए गए ऋण की राशि खुद ही डकार ली। अब पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Tue, 28 Oct 2025 02:16 PM IST
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