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💢दैनिक रिसीव💢विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बैतूल जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मासूम बच्चे को कर्ज़ की अदायगी न कर पाने के कारण छह साल तक बंधक बनाकर रखा गया। जानकारी मिलने पर प्रशासन की टीम ने उसे मुक्त कराया।
️वेरिफाई रिसीव,कांग्रेस नेता पर गोलीबारी और तलवार के हमले के बाद मची अफरातफरी- फोटो : अमर उजाला
USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
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थराली। राइंका आलकोट के खेल मैदान में आयोजित तीन दिवसीय बिनसर महोत्सव के दूसरे दिन महिला मंगल दलों ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रमों का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित ने महोत्सव को भविष्य में भव्य रूप देने का आश्वासन दिया। महोत्सव में दूसरे दिन महिला मंगल दल आलकोट, झीझोली, मेटा, भटियाणा आदि ने मांगल गीत गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर पूर्व विधायक डॉ. जीतराम, प्रधानाचार्य खुशाल सिंह गुसाईं, भूपाल कंडारी, प्रधान राहुल नेगी, विपिन जोशी, डीडी उनियाल, देवेंद्र कंडारी, विनोद जोशी, भूधर नेगी आदि मौजूद रहे। संवाद
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भरतपुर जिले के सेवर थाना क्षेत्र के नगला झीलरा गांव में गुरुवार को एक नवजात शिशु के झाड़ियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बच्चा गंभीर अवस्था में था और उसके शरीर पर आवारा जानवरों के खरोंच के निशान पाए गए। ग्रामीणों ने जब बच्चे को देखा तो गांव में अफरातफरी मच गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
लाइक वेरिफाई, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की प्रेसवार्ता- फोटो : अमर उजाला
लॉग इन मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। गुरुवार को एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को छात्राओं को कथित तौर पर अश्लील वीडियो दिखाने और उन्हें गलत तरीके से छूने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। शिक्षक पर ये आरोप छात्राओं के अभिभावकों ने लगाए।
दैनिक मोबाइल, विस्तारFollow Usजाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।







