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💢गेट💢राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
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चंडीगढ़। शहर में क्रेश संचालन के नाम पर हुए खर्च में बड़ी अनियमितता सामने आई हैं। सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के रिकॉर्ड की ऑडिट जांच में 24.59 लाख रुपये का खर्च इनएडमिसिबल (अमान्य) करार दिया गया है। यह खुलासा वर्ष 2021-22 के दौरान 50 क्रेच के संचालन के लिए जारी अनुदान की जांच में हुआ।
डायमंड स्टूडेंट, - पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने 2026 का विजन साझा किया
विस्तारFollow Usजिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम: शिवाय अरजरिया ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। जनपद पंचायत बिजावर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंजना नागर सहित चार अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी धन के गबन का दोषी पाया गया है। उनसे 13.26 लाख रुपये की सामूहिक वसूली के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (फाइल फोटो)- फोटो : अमर उजाला
बैतूल के मुलताई का नाम अब मूलतापी होगा- फोटो : अमर उजाला
सर्वे पैसे, विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के करोंद स्थित अमन कॉलोनी ईरानी डेरे से देश के 14 राज्यों में सक्रिय ईरानी गैंग के सरगना से भोपाल पुलिस पूछताछ कर रही है। इस गैंग के मुख्य आरोपी आबिद अली उर्फ राजू ईरानी को सूरत पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद भोपाल पुलिस ने उसे ट्रांजिट वारंट पर भोपाल लाकर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 17 जनवरी तक रिमांड पर लिया गया है। पुलिस को उसकी लगभग सात साल से तलाश थी। वर्ष 2017 में उसके खिलाफ आगजनी का प्रकरण दर्ज हुआ था, तब से वह छुपकर भोपाल में ही रहता रहा और पुलिस को चकमा देता रहा।
विज़िट अर्न सारपंजाब-हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में 13 साल की बच्ची ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतका 8वीं कक्षा की छात्रा थी। परिवार के लोग घर की छत पर थे और बच्ची ने कमरे में पंखे से फंदा लगा लिया।
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मासूम बच्चे को कर्ज़ की अदायगी न कर पाने के कारण छह साल तक बंधक बनाकर रखा गया। जानकारी मिलने पर प्रशासन की टीम ने उसे मुक्त कराया।
साप्ताहिक डाउनलोड, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Fri, 09 Jan 2026 12:07 AM IST







