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️अल्ट्रा डाउनलोड,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Tue, 04 Nov 2025 10:46 PM IST
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:35 PM IST
रिसीव कलेक्ट, कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
बालाघाट में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Usअल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी में इजाफा हुआ है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय, उत्तराखंड ने कॉलेज के विभिन्न विभागों में 28 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की थी। इसमें से विभिन्न विभागों में आठ असिस्टेंट प्रोफेसरों ने तैनाती ले ली है। इससे जहां मरीजों को राहत मिलेगी वहीं डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी पटरी पर आएगी।
विस्तारFollow Usबांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखण्ड में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब उपखण्ड अधिकारी राकेश कुमार न्योल और तहसीलदार शंकरलाल मईडा ने विभिन्न राजकीय कार्यालयों का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई विभागों में अधिकारी-कर्मचारी कार्यस्थल से नदारद मिले, तो कई कार्यालयों पर ताले लटके पाए गए। शनिवार को अधिकारियों की ओर से निरीक्षण से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की गई।
सर्वे, बहराइच। नानपारा कोतवाली के परसा अगैया गांव में हुए जघन्य हत्याकांड में अदालत द्वारा आरोपी अनूप वर्मा को शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मामले से जुड़े रोंगटे खड़े कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं। कोर्ट में पेश गवाहों और बयानों से स्पष्ट हुआ कि यह हत्या सुनियोजित और अमानवीय थी, जिसने रिश्तों और संवेदनाओं दोनों को शर्मसार कर दिया।
सर्वे
विस्तारFollow Usबालोद जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग 930 पर झलमला तिराहे में आज कांग्रेस पार्टी ने चक्काजाम किया। इस दौरान बालोद से दुर्ग, भिलाई, रायपुर और धमतरी की ओर जाने वाला हाईवे घंटों तक जाम रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों को अन्नदाता कहने के बजाय उन्हें चोर बता रहा है और उनके घरों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
अतिरिक्त ऑफर, सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।







