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सारराज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड के नाम पर साइबर ठग परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर विद्यार्थियों और अभिभावकों से पैसे मांग रहे हैं। बोर्ड ने ऐसे कॉल और संदेशों से सतर्क रहने की अपील करते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
अर्न वीडियो, अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांवPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:51 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 04:56 PM IST
भरतपुर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के जघन्य मामले में विशिष्ट पॉक्सो न्यायालय संख्या-2 ने आरोपी मूलचंद मीणा को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी का पुत्र साहब सिंह पहले ही इसी मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। न्यायाधीश सचिन गुप्ता की अदालत ने नौ साल पुराने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया।
चरखी दादरी। मनरेगा कोई दया या सरकारी योजना नहीं बल्कि गरीब, वंचित, पीड़ित और असहाय वर्ग के लोगों के लिए रोजगार का सांविधानिक अधिकार है। यह कानून कांग्रेस की ओर से लाया गया था ताकि ग्रामीण भारत के करोड़ों परिवारों को सम्मान के साथ काम और जीवनयापन का साधन मिल सके। यह बात अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और हरियाणा के सहप्रभारी अधिवक्ता जितेंद्र बघेल ने शनिवार को दादरी में कही। वे एआईसीसी के आह्वान पर चल रहे मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
स्टूडेंट स्टूडेंट, UP Crime:पूर्वोत्तर रेलवे के ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह करीब आठ बजे बनारस से प्रयागराज जा रही मेमू सवारी गाड़ी संख्या 65111 पर अवैध वेंडरों ने पथराव कर दिया। इससे स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। घटना में एक कर्मचारी समेत छह यात्री घायल हो गए। सभी का सीएचसी में प्राथमिक उपचार किया गया।
दैनिक विन भिवानी। जिले के पांच खंड तोशाम, कैरू, सिवानी, लोहारू और बहल क्षेत्र के करीब 170 गांवों का भूमिगत जल पाताल में पहुंच गया है। यही वजह है कि 800 से 900 फीट गहराई में भूमिगत जल दोहन के लिए लगाए गए बोरवेल रासायनिक तत्व उगल रहे हैं जिनसे कैंसर का खतरा भी बढ़ रहा है। भूमिगत जल की विद्युत चालकता (ईसी) 6000 के पार पहुंच गई है वहीं टीडीएस, हार्डनेस और फ्लोराइड की मात्रा भी सामान्य से तीन गुना तक आंकी जा रही है।
विस्तारFollow Usराजस्थान के सीकर, भरतपुर, बांसवाड़ा और जयपुर समेत कई जिलों में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। अब तक कम से कम 2 मासूमों की जान जा चुकी है और कई की हालत बिगड़ी हुई है। सिरप पीने के बाद उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ और किडनी फेलियर जैसे लक्षण सामने आए। अभिभावकों का कहना है कि यह दवा सरकारी डॉक्टरों की सलाह पर दी गई थी।
पैसे, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:आदित्य आनंदUpdated Fri, 28 Nov 2025 04:34 PM IST







