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💢गेट साइन अप💢T20 WCWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar Newsएक और पति का कत्ल
️नया टास्क,सारMuzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के पानापुर हाईस्कूल में इंटर परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड न मिलने से हंगामा हुआ। सड़क जाम के बाद प्रशासन ने प्रधानाचार्य व प्रधान लिपिक को निलंबित किया। 169 छात्रों की परीक्षा 45 दिनों में कराने का आश्वासन दिया गया।
चंबा। जिले में कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार जारी है। सुबह के समय खेतों, खुले स्थानों और वाहनों के शीशों पर घना कोहरा जम रहा है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के कारण आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है और सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वेरिफाई, बुलंदशहर। डीएवी पीजी कॉलेज में प्रभारी शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर डाॅ. नवीश कुमार ने बताया कि बीए पंचम सेमेस्टर के सभी छात्राओं की प्रयोगात्मक परीक्षा 16 जनवरी को होगी। 75 अंक की यह परीक्षा सुबह नौ बजे से शारीरिक शिक्षा विभाग में संपन्न कराई जाएगी। इसमें शामिल होने वाले सभी हैंडबॉल से संबंधित विद्यार्थी प्रयोगात्मक पुस्तिका तैयार करेंगे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Mon, 22 Dec 2025 04:08 PM IST
साप्ताहिक पॉइंट्स, सारPurnea News: फारबिसगंज में मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बिहार में पांच नए एक्सप्रेस हाइवे, उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराने और फरवरी–मार्च 2026 तक रोड मेंटेनेंस पॉलिसी लागू करने की घोषणा की। AI आधारित योजनाओं से पारदर्शिता बढ़ाने की बात कही गई।
फ्रेंड्स जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक में मौजूद लोग। स्रोत: समिति
सारसऊदी अरब में 13 नवंबर 2025 को रमेश की मौत हो गई थी। इसके बाद उसका शव अभी तक भारत नहीं पहुंचा है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब भारतीय दूतावास ने बताया है कि सऊदी पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद शव भारत पहुंचेगा।
डिस्काउंट डाउनलोड, विस्तारFollow Usसुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।







