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💢क्लिक💢सारनेपानगर के 86 डिग्री ओवरब्रिज पर दो हादसे हो चुके हैं, जिसमें एक मौत हुई। सुरक्षा जालियां लगाने का निर्णय फरवरी में हुआ था, लेकिन अब तक फाइलों में अटका है। कांग्रेस नेता ने तकनीकी जांच की मांग की है, जबकि नगर पालिका को इंदौर से स्वीकृति का इंतजार है।
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टास्क,
नेशनल हाईवे 334बी पर दादरी जिले के गांव भैरवी के पास सोमवार सुबह करीब छह बजे दो ट्रालों की टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं करीब एक घंटे बाद बाढड़ा की तरफ से आ रही एक वैगन-आर कार भी क्षतिग्रस्त ट्राले से टकरा गई। बताया जा रहा है कि कार में सवार दो लोगों को गंभीर चोटें लगी हैं। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हादसे का कारण कोहरा बताया जा रहा है।
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सारCG Weather Update: छत्तीसगढ़ में ठंड ने अपना असर और तेज कर दिया है। सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं के चलते लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कई इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है।
कलेक्ट, सारबीजापुर में धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों को टोकन और खरीदी की गति को लेकर समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। जिला कांग्रेस कमेटी ने नैमेड केंद्र में धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की।
क्लिक नशे के बढ़ते कारोबार पर नकेल कसने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने रामानुजगंज में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा ने गुरुवार को एक विशेष अभियान के तहत प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी में लिप्त तीन सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 140 नग 'ओनरेक्स कफ सिरप' भी जब्त किया गया है। यह नगर में नशे के खिलाफ विभाग की दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। हाल ही में रामानुजगंज में नशे के सेवन से दो युवाओं की हुई दुखद मौत के बाद आबकारी विभाग द्वारा इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:14 AM IST
ऑफर, विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







