इनाम
ट्रांसफर फ्रेंड्स
कमाई इनवाइट, Inc
लाइक
💢सुपर इंस्टेंट💢मध्य प्रदेश के बालाघाट जिला में शनिवार देर रात नक्सल मोर्चे पर बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जिले के इतिहास में पहली बार एक साथ 10 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 77 लाख रुपये का इनामी नक्सली कबीर उर्फ महेंद्र भी शामिल है, जो कान्हा-भोरमदेव (केबी) डिवीजन का सक्रिय लीडर रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सभी नक्सलियों ने शनिवार रात करीब 10 बजे पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इसके तुरंत बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस लाइन बालाघाट लाया गया, जहां फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है।
️मोबाइल,सारवर्दी में स्कूटी चलाते हुए बिना हेलमेट के निकले आरक्षक को वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित कर दिया गया है। एसपी ने आरक्षक की इस हरकत को नियमों का उल्लंघन माना और यह कार्रवाई की।
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
गोल्ड लॉग इन,
TOP NewsBangladeshUSUttarakhandआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
ऑनलाइन,
सर्वे डिपॉजिट विस्तारFollow Usचंडौस के गांव टीकरी निवासी अभिज्ञान ने अपनी पत्नी को लुटेरी दुल्हन बताकर थाने में रिपाेर्ट दर्ज करवाई थी, लेकिन वही महिला 10 जनवरी को चंडौस थाने पहुंच गई। लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए पति के साथ रहने की बात कहने लगी। फिलहाल पति और परिवार तैयार नहीं है। कोतवाल सत्यवीर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास किया जा रहा है।
आलापुर (अंबेडकरनगर)। रामनगर बाजार की सब्जी मंडी में इन दिनों हरी सब्जियों की आवक लगातार बढ़ रही है, जिससे फुटकर बाजार में दामों में 8 से 20 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय किसानों की सक्रिय भागीदारी और बेहतर आपूर्ति के चलते सब्जियों की उपलब्धता बढ़ी है, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है।
मेगा फ्री, बहराइच/शिवपुर। परसा अगैया गांव में 10 वर्षीय विवेक वर्मा की निर्मम हत्या के मामले में अदालत द्वारा आरोपी अनूप वर्मा को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भले ही पीड़ित परिवार को न्याय की अनुभूति हुई हो, लेकिन कानूनी रूप से यह मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। कानून के मुताबिक फांसी की सजा पाए किसी भी अभियुक्त के मामले में आगे की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से उच्च न्यायालय से होकर गुजरती है।







