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💢विज़िट ऑफर💢वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:42 PM IST
️मोबाइल,संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:32 AM IST
सारअल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी के बीच आठ असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती से चिकित्सा सेवाओं और मेडिकल छात्रों की पढ़ाई को राहत मिली है।
फ्री डाउनलोड, कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में रखी गईं ईवीएम मशीनें- फोटो : अमर उजाला
औरैया। इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद भले ही प्रशासन अलर्ट मोड में होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
राजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी में सुरक्षा एजेंसियों ने नशीली दवाओं के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार को गुजरात एटीएस, राजस्थान एसओजी और भिवाड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में गुप्त अभियान चलाकर 'एपीएल फार्मकिम' नामक फैक्ट्री पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान करीब 22 किलोग्राम प्रतिबंधित केमिकल बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 32.56 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
TOP NewsBangladeshUSमंत्री विक्रमादित्य की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UP
बोनस, कांग्रेस का केन्द्र सरकार पर निशाना- फोटो : अमर उजाला
प्रीमियम इनवाइट राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर के कलेक्ट्रेट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। इसके बाद बाड़मेर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। कलेक्ट्रेट के सरकारी ईमेल पर धमकी भरा मेल मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को खाली करवाकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ अशोकनगर जिले के मुंगावली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो और पीड़ित के शपथ पत्र के आधार पर की गई है। थाना प्रभारी जोगिंदर सिंह यादव ने बताया कि यह एफआईआर शुक्रवार को दर्ज की गई।
विज़िट शेयर, बांदा। विकास खंड बडोखर की ग्राम पंचायत दुरेडी में मनरेगा के तहत कैटल शेड निर्माण के नाम पर सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना निर्माण कार्य कराए ही करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस अनियमितता के उजागर होने के बाद उपायुक्त श्रमारोजगार ने ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण मांगा है।







