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💢स्टूडेंट इंस्टेंट💢सारइलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी व्यक्ति की शिकायत पर विद्यालय के कर्मचारी के खिलाफ जांच करने के मामले में नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए अगली तिथि पर एडीजी (एसटीएफ) को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का आदेश दिया है।
️इंस्टेंट शेयर,विस्तारFollow Usआतंकी डॉ. आदिल अहमद की गिरफ्तारी के बाद कुछ संदिग्ध खुफिया एजेंसियों की रडार पर हैं। वर्ष 2017 से अब तक सहारनपुर को पांच बार उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। आखिरी बार 26 अक्तूबर 2023 में धमकी मिली थी। इससे पहले वर्ष 2017 व 2022 में एक-एक बार और 2018 में दो बार धमकी भरे पत्र मिले थे। आतंकी संगठन लश्कर-ए तैयबा का जिक्र किया गया था।
मकर संक्रांति पर संगम तट पर 15 जनवरी को आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। मेला प्रशासन ने इस मौके पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान के अनुमान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। जो श्रद्धालु जिस तरफ से आएगा, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है।
बोनस, रटौल। गांवों में कुत्तों व बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। सोमवार को कई गांवों में 20 से अधिक बच्चों व लोगों को काटकर घायल कर दिया। सभी ने रटौल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाए। वहीं लोगों ने इन्हें पकड़वाने की मांग की है।
सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालविकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवाPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 03 Aug 2025 08:59 PM IST
विथड्रॉ ऐप, फोटो- 06 पुलिस की मौजूदगी में यमुना की जलधारा में मासूम का शव खोजने के लिए जाल डालते गोताखोर। स
अल्ट्रा कमेंट बलरामपुर। मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। बीते तीन दिन से लगातार दिन में सूरज निकलने से लोगों को दिन में ठंड से कुछ राहत मिली। हालांकि, बर्फीली हवा चलने से शाम को ठंड बढ़ गई है।
विस्तारFollow Usजिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
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