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💢कमाई पैसे💢शासन के आदेश के बावजूद जिले के सीएचसी, पीएचसी और आरोग्य मंदिरों में ऑनलाइन ओपीडी पर्ची मरीजाें को नहीं मिल रही है। ऑफलाइन पर्ची बनाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। जबकि सीएमओ ने दिसंबर में दावा किया था कि जनवरी से सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन ओपीडी पर्ची दी जाएगी।
️फ्रेंड्स,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पुस्तक भेंट करते जेएनसीयू के कुलपति प्रो. संजीत कुमार
राजधानी लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में मंगलवार को सुबह-सुबह सूर्यदेव की किरणें खिलीं तो लोग निहाल हो उठे। साथ ही ठंड भी भाग गई। शीतलहर और कोहरे से राहत मिली तो सड़कों पर जनजीवन सामान्य दिखा। लोग धूप सेकने को घरों से बाहर दिखे।
विन रिसीव, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में सुबह होते ही कोहरे की मोटी परत छा जा रही है, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। कई जगहों पर 20 मीटर दूर तक देख पाना भी मुश्किल हो रहा है। कोहरे के साथ चल रही शीतलहर ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है।ठंड का असर तापमान में साफ नजर आ रहा है। शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि दतिया में पारा 4.4 डिग्री तक पहुंच गया। राजगढ़ और खजुराहो में 5.4 डिग्री, मुरैना और मलाजखंड में 5.5 डिग्री, उमरिया में 5.7 डिग्री और मंडला व पचमढ़ी में 5.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। पहाड़ी और वन क्षेत्रों में सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है। राजधानी भोपाल समेत बड़े शहर भी ठिठुरते रहे। भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री दर्ज किया गया।
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विज़िट सर्वे, गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:00 AM IST
कमाई कम्पलीट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवरPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Wed, 24 Dec 2025 08:30 PM IST
छोटा गेट, मातृत्व किसी भी महिला के जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है। हालांकि गड़बड़ होती लाइफस्टाइल और खानपान से संबंधित दिक्कतों ने इस सुख से लाखों दंपत्तियों को वंचित रखा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में ऐसा ही एक मामला देखा गया है जहां दंपत्ति को इस सुख के लिए 12 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा। ये सुख मिला भी तो नवजात का जन्म समय पूर्व हुआ और उसे हार्ट से संबंधित समस्या भी थी। हालांकि डॉक्टर्स की टीम ने चिकित्सा कौशल की मिसाल पेश करते हुए न सिर्फ नवजात की जीवनरक्षक हृदय सर्जरी की बल्कि बच्ची को स्वस्थ करके छुट्टी दे दी।







