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दैनिक टास्क
💢सिल्वर फ्रेंड्स💢चहनिया। भुपौली पंप कैनाल से नहर में पानी छोड़े जाने से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि नवंबर में भारी बारिश के चलते अभी खेतों में पर्याप्त नमी है। इस कारण गेहूं की बुआई दिसंबर के अंतिम सप्ताह व जनवरी के प्रथम सप्ताह में की गई। ऐसे में नहर में पानी छोड़े जाने के कारण किसानों का भारी नुकसान हो रहा है। लगभग 2 प्रतिशत किसान अपनी फसलों को भरने के लिए टेल पर पानी ले जाना चाहते हैं और कुलावे को खुला छोड़ दे रहे हैं। जिससे अन्य किसानों की फसलें डूब जा रही हैं, जिससे आए विवाद हो रहा
️विशेष ईज़ी,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Sat, 20 Dec 2025 07:57 AM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
साप्ताहिक स्टूडेंट, विस्तारFollow Usबीजापुर में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के धान उपार्जन केंद्रों में किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने जिले के नैमेड धान खरीदी केंद्र में धरना प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है।
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सारमौसम विभाग ने आज रेड अलर्ट घोषित किया है वहीं, 14 से लेकर 17 जनवरी तक यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार 17 जनवरी तक शीतलहर का अनुमान है। चंडीगढ़ में धुंध की वजह से सोमवार को दो उड़ान बाधित रहीं।
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गोल्ड अर्न विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में पिछले 10 वर्षों से आयोजित होने वाला खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का ग्यारहवां संस्करण 16 दिसंबर से शुरू होकर 22 दिसंबर तक आयोजित होगा।
राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
साप्ताहिक वॉच, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:32 AM IST







