लॉग इन कम्पलीट
टास्क अर्न
टास्क वीडियो, Inc
टास्क वीडियो
💢डिस्काउंट💢कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️इनवाइट साइन अप,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 जनवरी को शाम 6 बजे भोपाल के वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी, बोट क्लब, बड़ा तालाब पर खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर वॉटर प्रोजेक्शन, लेजर शो, आतिशबाजी के साथ ही शेफाली अल्वारेस और दिव्या कुमार की प्रस्तुति भी होगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स देश में पहली बार खेल विभाग एवं सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के संयुक्त समन्वय से आयोजित हो रहे हैं। भोपाल से एमपी के इस सबसे बड़े खेल महाकुंभ का भव्य शुभारंभ होगा, जिसमें तालाबों की सुंदरता और जल कला का सजीव प्रदर्शन किया जाएगा।
रामलीला मंचन में पूनम पांडे का मंदोदरी पात्र एक बड़े विवाद की वजह बन गया है। दिल्ली की प्रसिद्ध लव-कुश राम लीला में इस बार आयोजकों ने पूनम पांडे के लिए मंदोदरी का किरदार तय किया है। इसको लेकर संत समाज में काफी विरोध हो रहा है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध के बाद अब मध्य प्रदेश के कंप्यूटर बाबा ने इसकी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने रामलीला अध्यक्ष की सोंच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूनम पांडे को मंदोदरी के बजाय सूर्पनखा का किरदार सौंपा जाना चाहिए।
डिस्काउंट,
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
भिंड और पन्ना में सड़क हादसों में आठ लोगों की मौत- फोटो : अमर उजाला
वॉच विन,
डायमंड इनाम सारसर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग की महत्वपूर्ण सम्भागीय बैठक 11 जनवरी 2026 को जगदलपुर के कोया कुटमा भवन में होगी। बैठक में बस्तर संभाग के सभी जिलों के पदाधिकारी और विभिन्न आदिवासी समाजों के अध्यक्ष शामिल होंगे।
चंपावत। कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
डिस्काउंट इनवाइट, USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls







