ऐप डाउनलोड
लाइक
गोल्ड मोबाइल, Inc
ट्रांसफर कलेक्ट
💢छोटा मोबाइल💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Tue, 04 Nov 2025 12:05 PM IST
️मेगा फ्री,सारशनिवार शाम बालोतरा शहर एक दर्दनाक सड़क हादसे का गवाह बना, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। तेज गति से चल रही एक निजी बस और मोटरसाइकिल की टक्कर में शहर के जाने-माने सामाजिक चेहरे, पूर्व पार्षद और वरिष्ठ पत्रकार का निधन हो गया।
विस्तारFollow Usबालाघाट जिले में लालबर्रा थानान्तर्गत दोस्त के साथ मड़ई घूमने गई नाबालिग किशोरी के साथ गैंगरेप कर वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने दो नाबालिग सहित चार व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त करते हुए उसे जांच के लिए भिजवा दिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो, दुष्कर्म, ब्लैकमेल तथा आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
सब्सक्राइब, विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को भगवान शिव की तपोभूमि एवं नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक में मां नर्मदा के पावन शक्तिपीठ में दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
बलरामपुर के परसपुर गांव के पास खेत में भरा पानी ।-संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:43 AM IST
सुपर ऑनलाइन,
लॉग इन विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बालाघाट जिला में शनिवार देर रात नक्सल मोर्चे पर बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जिले के इतिहास में पहली बार एक साथ 10 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 77 लाख रुपये का इनामी नक्सली कबीर उर्फ महेंद्र भी शामिल है, जो कान्हा-भोरमदेव (केबी) डिवीजन का सक्रिय लीडर रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सभी नक्सलियों ने शनिवार रात करीब 10 बजे पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इसके तुरंत बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस लाइन बालाघाट लाया गया, जहां फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है।
सारसालेबर्डी गांव में तालाब से जेठ प्रकाश रहांगडाले और उनकी बहू सीमा के शव मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों शनिवार से लापता थे। मौके से बाइक, चप्पलें और कीटनाशक की बोतल मिली। शवों पर चोट नहीं मिली। पुलिस जहर या डूबने की आशंका पर जांच में जुटी है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अहम होगी।
बड़ा विज़िट, गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।







