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विस्तारFollow Usबारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने 15 हजार से ज्यादा मतों से जीत हासिल की है। यहां भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53868 वोट मिले हैं। जानकारों का कहना है कि अंता चुनाव में भाजपा ने अपने प्रमुख नेताओें को प्रचार के लिए उतारा था। इसमें वसुंधरा राजे और सीएम भजनलाल दोनों के नाम शामिल थे। दोनों ने यहां प्रचार किया था। इसके बाद भी भाजपा को यहां जीत नहीं मिली है। अंता विधानसभा सीट झालावाड़ लोकसभा में आती है जहां से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह सांसद हैं। इसके बाद भी भाजपा पीछे रही। ये माना जा रहा है कि नरेश मीणा के यहां से उतरने की वजह से चुनाव त्रिकोणीय हो गया। इसका सीधा नुकसान भाजपा को हुआ है। अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने जीत दर्ज कर ली। प्रमोद को 69462 वोट मिले। वहीं भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53868 वोट मिले। इसके साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को 53740 वोट मिले।
विथड्रॉ, Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
विस्तारFollow Usकासगंज के ढोलना थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार रात परिजनों ने नाबालिग बेटी की गला दबाकर हत्या कर शव श्मशान में जला दिया था। किशोरी तीन दिन पहले गांव के ही प्रेमी के साथ घर से आगरा चली गई थी। प्रेमी ने थाने में तहरीर देकर किशोरी के माता-पिता, गांव के प्रधान प्रतिनिधि समेत 9 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सारभाटापारा शहर और ग्रामीण क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सबसे बड़ा कारण अवैध शराब कारोबार बनता जा रहा है।
जिला परिषद सभागार में आयोजित में भिड़े दो सांसद।- फोटो : अमर उजाला
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पैसे अर्न सारअंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में एक 48 वर्षीय व्यक्ति, बबलू मंडल, की चाकू मारकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
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फ्रेंड्स, जिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।







