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️बड़ा डिपॉजिट,बागेश्वर। ऐतिहासिक उत्तरायणी कौतिक-2026 की तैयारियां अब अपने अंतिम पड़ाव पर हैं। नगर पालिका की ओर से आयोजित मेले के लिए आमंत्रण पत्र और कार्यक्रमों की सूची आधिकारिक रूप से जारी कर दी गई है। इस बार मेले का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड के मशहूर पार्श्व गायक देव नेगी होंगे जो अपनी सुरीली आवाज से मेले के सांस्कृतिक मंच पर धमाल मचाएंगे।
सर्वे कमेंट, विस्तारFollow Usविश्वविख्यात सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। इस मामले में नया मोड़ तब आया है, जब महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने अजमेर जिला न्यायालय में याचिका दायर करने की घोषणा की है।
आगरा। एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित 10 दिवसीय राज्य स्तरीय जिम्नास्टिक प्रशिक्षण शिविर का सोमवार को समापन हो गया। शिविर में अंडर-14, 17 और 19 आयु वर्ग के चयनित 30 बालक-बालिका खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय माध्यमिक विद्यालयीय प्रतियोगिता के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। ये सभी खिलाड़ी अब कोलकाता में 15 जनवरी से होने वाली नेशनल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
सऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन उसका शव अब तक भारत नहीं पहुंच पाया है। शव न आने से परिवार गहरे सदमे में है और मां बेटे की अंतिम झलक के इंतजार में हर दिन टूटती जा रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:01 PM IST
डाउनलोड वॉच, बहराइच-लखनऊ हाईवे पर रविवार शाम झुकिया के पास लगी वाहनों की कतार। -संवाद
विज़िट वॉच सार29 दिन की मासूम बच्ची को इलाज के लिए इंदौर रैफर किया गया था लेकिन 108 एंबुलेंस रास्ते में खराब हो गई, जिससे इलाज में देरी हुई और इसी लापरवाही के कारण मासूम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:54 AM IST
कैश, राजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।







