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💢बड़ा कलेक्ट💢अशोकनगर जिले से दो हृदय विदारक घटनाएं सामने आई हैं, जहां तेज बारिश के बाद उफान पर आए नालों ने दो लोगों की जान ले ली। पहली घटना पिपरई थाना क्षेत्र के मूड़रा गांव की है, जहां मजदूरी के लिए घर से निकला 26 वर्षीय युवक विनोद आदिवासी नाले के तेज बहाव में बह गया। वहीं, दूसरी घटना मुंगावली थाना क्षेत्र के सोनाखेड़ी गांव की है, जहां खेलते-खेलते नाले में गिरा ढाई साल का मासूम कालू आदिवासी पानी में बह गया। दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है।
️सिल्वर विज़िट,अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:Digvijay SinghUpdated Wed, 07 Jan 2026 07:00 PM IST
अल्मोड़ा। अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने 12 जनवरी को होने वाली भूख हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया है। संघ के जिलाध्यक्ष हीरा सिंह मेहरा ने इस मामले में प्रभारी मुख्य शिक्षाधिकारी को ज्ञापन दिया है।
ऐप पैसे, एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने माफी मांगकर छोड़ा- फोटो : अमर उजाला
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अंबाला के दलीपगढ़ के रहने वाले रेलवे टेक्नीशियन दीपक कुमार की हत्या रेलवे कर्मी दोस्त रवि कांबोज निवासी समालखा पानीपत ने रुपये के लेनदेन में की। दीपक ने छोटे भाई संदीप की नौकरी के लिए रवि को तीन साल पहले 30 लाख रुपये दिए थे। रुपये मांगने पर चाकू से गला रेतकर हत्या की और शव किशनपुर बराल में नहर में फेंक दिया।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
शेयर, संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:16 PM IST
वेरिफाई सारSRMU का AI-आधारित पाठ्यक्रम SRMU के AI, ML और Data Science प्रोग्राम्स इस क्षेत्र में सबसे आधुनिक हैं। L&T EduTech और IBM के साथ मिलकर बनाए गए इस पाठ्यक्रम में Machine Learning, Deep Learning, NLP और Computer Vision जैसे विषयों के साथ Ethical AI और क्लाउड एनालिटिक्स पर खास जोर दिया जाता है।
गेट सब्सक्राइब, विस्तारFollow Usबारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।







