कूपन कूपन
लॉग इन वॉच
बोनस टास्क, Inc
दैनिक डिस्काउंट
💢नया पैसे💢
️साप्ताहिक शेयर,छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर 2025 से शुरू हुआ धान खरीदी अभियान अब महाअभियान का रूप ले चुका है। राज्य में अब तक 16.95 लाख पंजीकृत किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। समर्थन मूल्य के तहत किसानों को अब तक 20 हजार 753 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जा चुकी है। समय पर भुगतान से न केवल किसानों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:निवेदिता वर्माUpdated Tue, 13 Jan 2026 09:14 AM IST
सिल्वर विन,
उर्मिला सनावर से पूछताछ करती टीम- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तारFollow Usरोहतास जिले से एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। बीते चार दिनों से लापता युवक का शव सोमवार को एक कुएं से बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना दिनारा थाना क्षेत्र के भलुनी पुल के समीप की बताई जा रही है।
इंस्टेंट सर्वे,
विन विस्तारFollow Usबदायूं के आंबेडकर छात्रावास के पीछे स्थित नगर पालिका के ओवरहेड टैंक की सफाई के नाम पर पिछले पांच दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई है। इससे जुड़े पांच वार्डों के करीब 50 हजार लोग पीने के पानी के लिए परेशानी झेल रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बीच पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। इससे नाराज वार्ड सदस्य सोमवार सुबह ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए और नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
भिंड जिले के आलमपुर थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी को इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। कस्बे के ही रहने वाले 24 वर्षीय युवक गौतम सेन ने छात्रा को पहले दोस्ती के झांसे में लिया और लगातार बातचीत शुरू की। उसके बाद बातचीत के दौरान नाबालिग का AI के ज़रिए अश्लील वीडियो बनाया और ब्लेकमेल करने लगा। पीड़िता ने परिजनों को बताया कि उसके बाद पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विथड्रॉ क्लिक, विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







