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💢क्लिक बोनस💢पुलिस थाना शाहपुरा ने 78 लाख रुपये की सरकारी राशि के गबन के मामले में एक दशक से फरार चल रहे तत्कालीन ग्राम सेवक एवं सरपंच को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी सुरेशचंद के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। आरोपी दस वर्ष से फरार थे तथा एक आरोपी पर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है। पूर्व सरपंच गणपत खटीक का पारिवारिक सदस्य वर्तमान में ढीकोला में सरपंच हैं तथा वो भाजपा से जुड़े हैं।
️कूपन ऑफर,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Wed, 24 Sep 2025 09:35 PM IST
बिहार में लगातार हो रही रेप और हत्या की वारदातों ने राज्य की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। पूर्णिया में एक युवती से शराब पिलाकर किए गए सामूहिक दुष्कर्म पर सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए दोषियों को सीधे फांसी देने की मांग की है।
मासिक रिवॉर्ड्स, चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:53 AM IST
ऐप बोनस, सारमनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के विकासखंड खड़गवां से आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ‘जर्नी ऑफ सेनिटेशन हाइजिन’ (जोश) कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर औपचारिक शुभारंभ किया।
शेयर विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत का आंकड़ा 16 तक पहुंच चुका है। छिंदवाड़ा जिले में 14 बच्चों की मौत के बाद अब बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में इन बच्चों की मौत का कारण भी किडनी फेल होना बताया जा रहा है। दोनों बच्चों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ही डॉ. प्रवीण सोनी के पास हुआ था। परासिया में बच्चों की मौत के मामले में डॉ. सोनी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
शेखपुरा में मंगलवार को एनएच-333ए पर हुए भीषण सड़क हादसे में सीएनजी ऑटो और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में छः लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
रिसीव, संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर। रौबदार कद काठी, भारी आवाज और चेहरे पर ताव देती मूंछे, यही कभी पुलिस की पहचान हुआ करती थी। खास तौर पर मूंछ का पुलिस में विशेष महत्व होता था। मूंछों को मेंटेन करने के लिए विभाग में इसके लिए अलग से भत्ता तक दिया जाता है लेकिन चंदौली जिले में इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक एक भी पुलिसकर्मी ऐसा नहीं हो जो मूंछों को ताव देता हो।







