सब्सक्राइब
इंस्टेंट
स्टूडेंट कमाई, Inc
विन
💢क्लिक💢संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:40 AM IST
️स्टूडेंट,कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usअजमेर दरगाह परिसर में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़े मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। शनिवार को सिविल कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई वकीलों के वर्क सस्पेंड के कारण नहीं हो सकी। अब कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 21 फरवरी 2026 तय की है।
डिपॉजिट कूपन, बरेली। नवाबगंज में नेशनल हाईवे-74 के पास गांव ग्रेम में 112 एकड़ जमीन पर एम्प्लाइमेंट जोन बनाने की तैयारी है। जिले के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने सोमवार को इस संबंध में कार्रवाई शुरू करने के निर्देश अफसरों को दिए। दावा है कि इस योजना के साकार होने से नवाबगंज में औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी और एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
बहराइच/पयागपुर। बसअड्डा बाजार में दो मासूम बेटियों के साथ तालाब में डूबकर जान देने वाली आशा की मौत अब केवल आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि यह एक संगीन घरेलू हिंसा और संदिग्ध हत्या के लिए मजबूर किए जाने का मामला बनता जा रहा है।
मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:20 AM IST
गांव रामनगर के पास रविवार की रात करीब नौ बजे सरकारी एंबुलेंस और बाइक में सामने से टक्कर हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल कोतवाली लोधा के गांव रायट निवासी बाइक सवार जान मुहम्मद (55) पुत्र नियाज अली की जेएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। कोतवाल सत्यवीर सिंह ने बताया कि जान मुहम्मद दौरऊ मोड़ की ओर से चंडौस के गांव रामपुर शाहपुर में अपनी रिस्तेदारी में जा रहे थे। जिस एंबुलेंस से उनकी बाइक टकराई, उसी से उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां रविवार की देर रात उनकी मौत हो गई। परिजन से तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
सिल्वर इनवाइट, विस्तारFollow Usजिले के मुंगावली, बहादुरपुर और आसपास के क्षेत्रों के 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करा लिया गया है। स्थानीय पुलिस महाराष्ट्र पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी मजदूरों को वापस लेकर आई। ये मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के बासी थाना क्षेत्र के गिरोली गांव में बंधक बनाए गए थे। वहां उन्हें न तो मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था और न ही उन्हें अपने घर लौटने दिया जा रहा था। उन्हें अपने परिजनों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी।
विज़िट बोनस IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी
कम्पलीट स्टूडेंट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Tue, 06 Jan 2026 08:04 PM IST







