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💢कलेक्ट💢सारछत्तीसगढ़ शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में दूसरी बार जेल भेजी गईं सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क रखे।
️वीडियो इनाम,
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:13 AM IST
वीआईपी पॉइंट्स, सारहाईकोर्ट ने लहार स्थित पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की कोठी विवाद में दायर याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने राजस्व विभाग की नापतौल को सही ठहराते हुए कहा कि मामला सिविल प्रकृति का है, जिसकी सुनवाई सिविल न्यायालय करेगा। नपती रिपोर्ट में सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण पाया गया।
बिजनौर में विवेक यूनिवर्सिटी में हैंडबॉल प्रतियोगिता की विजेता दिल्ली की महिलाओं की टीम। संवाद
छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद चुनाव के अंतिम परिणाम आज घोषित कर दिए गए। चुनाव में पूरे राज्य से 25 अधिवक्ता निर्वाचित हुए हैं। जिनमें बिलासपुर से सात सदस्य निर्वाचित हुए हैं। अधिवक्ता परिषद के चुनाव 10 वर्षों के पश्चात हुए हैं।
भीलवाड़ा में आयोजित समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने स्वर्गीय शिवचरण माथुर और उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला देवी माथुर की मूर्तियों का भव्य अनावरण किया।
विथड्रॉ, सारजिस स्थान पर घटना हुई वहां सीसीटीवी नहीं है, हालांकि आसपास के फुटेज जांचे जा रहे हैं। जेल प्रशासन के अनुसार कैदी का व्यवहार अच्छा था और वह बाहरी सफाई दल का हिस्सा था।
मासिक विथड्रॉ बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और ‘हीमैन’ के नाम से मशहूर धर्मेंद्र का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने आज अंतिम सांस ली, जिसके साथ ही हिंदी सिनेमा के एक महत्वपूर्ण और स्वर्णिम युग का अंत हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही फिल्म उद्योग, राजनीतिक जगत और करोड़ों प्रशंसकों में गहरा शोक छा गया।
चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।
ट्रांसफर, अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:00 PM IST







