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💢विशेष रिवॉर्ड्स💢बिलासपुर हाईकोर्ट ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर मर्डर केस में आरोपी दिनेश चंद्राकर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मुकेश चंद्राकर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर के पत्रकार थे। पीड़ित पक्ष की ओर से एडवोकेट प्रीतम सिंह ने जोरदार विरोध किया। मामले में पुलिस पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
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सारबूंदी पुलिस ने जयपुर के सिंधी कैम्प बस स्टैंड पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित भरतपुर जिला स्तरीय समारोह में उस समय हंगामा मच गया, जब कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भाजपा पदाधिकारियों ने उच्चैन एसडीएम धारा मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मौके पर मौजूद जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को हस्तक्षेप कर मामला शांत कराना पड़ा।
कमेंट कमेंट, विस्तारFollow Usराजस्थान के बूंदी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। देई खेड़ा थाना क्षेत्र के पापड़ी लबान के पास कपास से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के ऊपर पलट गया। इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रद्धालु ने कोटा के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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मध्यप्रदेश के बैतूल जिलांतर्गत आने वाले खेड़ली बाजार–बोरदेही मार्ग पर ग्राम टूरा बोरगांव के पास घाट क्षेत्र में एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में वाहन में सवार 31 ग्रामीण घायल हो गए। सभी लोग छिंदवाड़ा जिले के ग्राम सेमरिया से मुलताई में आयोजित दसवां कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे थे।
नया इंस्टेंट, विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







