इनवाइट ईज़ी
अल्ट्रा रिसीव
ऑनलाइन ऑनलाइन, Inc
कमाई विन
💢प्लेटिनम विज़िट💢Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
️कम्पलीट,भागलपुर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार।- फोटो : अमर उजाला
गंगा एक्सप्रेस-वे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी गाड़ियां। संवाद
दैनिक डिपॉजिट, सारमौसम विभाग के निदेशक सुरिंदर पाल के अनुसार अगले सात दिनों में तापमान में ज्यादा अंतर आने की संभावना नहीं है, लेकिन कई स्थानों पर धुंध बढ़ सकती है।
बूंदी जिले के नैनवां उपखंड क्षेत्र के ग्राम बासी से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। आठवीं कक्षा में अध्ययनरत 14 वर्षीय छात्रा हर्षिता सोनी की बाथरूम में नहाते समय अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। उस समय वह घर में अकेली थी।
मारपीट से आक्रोशित कोतवाली के बाहर प्रदर्शन करते विद्युत कर्मचारी। स्रोत- संवाद
बड़ा विज़िट, एमपी के कृषि मंत्री और छतरपुर के प्रभारी मंत्री एदल सिंह कंसाना छतरपुर पहुंचे और विकास सलाहकार समिति की जिला पंचायत सभा कक्षा में बैठक ली। बैठक के दौरान किसानों को खाद वितरण ओर जिले के विकास को लेकर सहित तमाम मुद्दों पर बात हुई। वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के द्वारा लोकसभा में खाद वितरण में गड़बड़ी के आंकड़े प्रस्तुत करने के मामले में बोले अब तक 95 एफआईआर दर्ज करवाईं। इतनी हिंदुस्तान में कहीं नहीं हुई होंगी।
डायमंड रिसीव मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में महज 350 रुपए की उधारी को लेकर हुए विवाद ने खून-खराबे का रूप ले लिया। पुलिस ने इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
विस्तारFollow Usराजस्थान के सीकर, भरतपुर, बांसवाड़ा और जयपुर समेत कई जिलों में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। अब तक कम से कम 2 मासूमों की जान जा चुकी है और कई की हालत बिगड़ी हुई है। सिरप पीने के बाद उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ और किडनी फेलियर जैसे लक्षण सामने आए। अभिभावकों का कहना है कि यह दवा सरकारी डॉक्टरों की सलाह पर दी गई थी।
अल्ट्रा रिसीव, भिवानी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ चुके ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से 19 जनवरी तक सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के रुझान सामने आने लगे हैं। सर्वे में पाया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी दायरे में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों की संख्या अधिक है। इनमें विशेष रूप से प्रवासी मजदूर परिवारों और घुमंतू लोगों के बच्चे शामिल हैं।







