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💢पॉइंट्स शेयर💢अमरोहा। न्यायिक कर्मचारी राशिद हुसैन की मौत सीने पर बेरहमी से लात-घूंसे बरसाने पर दिल बैठ जाने से हुई थी। पोस्टमार्टम में सीने पर मिले निशान और अंदरूनी चोटों से हमलावरों के वहशीपन का खुलासा हुआ है। हार्ट अटैक को सांसें थमने का कारण बताया गया है। उधर पुलिस सात में से एक आरोपी को गिरफ्तार कर सकी है, जिसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
️सुपर वॉच,सारराजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के साक्षात्कारों का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा–2024 के तीसरे चरण के इंटरव्यू 5 से 15 जनवरी 2026 तक आयोजित होंगे।
सारमलाजखंड थाना क्षेत्र के भड़गांव गांव में बेटे ने काम नहीं करने पर डांट खाने से नाराज होकर बांस के डंडे से पिता की हत्या कर दी। आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी की तलाश जारी है।
गेट, वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेरPublished by:बाड़मेर ब्यूरोUpdated Sat, 13 Dec 2025 06:04 PM IST
माघ मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।- फोटो : अमर उजाला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Sun, 07 Dec 2025 11:22 PM IST
बोनस सब्सक्राइब, सारAjmer:ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 814वें उर्स पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से अजमेर दरगाह में चादर पेश की गई। प्रतिनिधिमंडल ने मत्था टेककर अमन, भाईचारे और देश-दुनिया की सलामती की दुआ की।
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विस्तारFollow Usआजमगढ़ शहर कोतवाली क्षेत्र के लालडिग्गी तिराहे स्थित मनोज कन्हैया मोबाइल दुकान में 7 जनवरी की रात हुई चोरी का कोतवाली पुलिस ने महज छह घंटे में खुलासा कर दिया। चौंकाने वाली बात यह कि चोरी की साजिश दुकान में पिछले 20 वर्षों से कार्यरत कर्मचारी अजय कुमार सिंह ने ही रची थी।
वॉच ऑफर, अयोध्या। सिविल लाइन स्थित गांधी पार्क में कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से राष्ट्र पिता महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के विरोध में उपवास रखा। योजना के प्रारूप में किए जा रहे बदलावों के विरोध में एक दिवसीय उपवास रखा गया। जिला अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। मनरेगा के प्रारूप में बदलाव और गांधी जी का नाम हटाने की मंशा यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार की नीयत और नीति दोनों ही मजदूर-किसान विरोधी हैं।







