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💢पॉइंट्स💢सारलगभग तीन महीने पहले सार्वजनिक रूप से पिता को मारे गए थप्पड़ का बदला लेने के लिए दो बेटों ने मेन मार्केट में कांग्रेस नेता और पूर्व सरपंच पर तलवार और सरिये से हमला कर दिया।
️इंस्टेंट ऑफर,विस्तारFollow Usबीजापुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन और निर्देश पर पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय बीजापुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम ‘मनरेगा’ को पुनः लागू करने की मांग को लेकर एक दिवसीय उपवास कर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा क़ानून के तहत देश भर के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को काम की कानूनी गारंटी प्राप्त थी।
मेगा सर्वे, सारबूंदी पुलिस ने जयपुर के सिंधी कैम्प बस स्टैंड पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
घोसिया जामा मस्जिद के पास बंद पड़ा स्ट्रीट लाइट । संवाद
विस्तारFollow Usबैतूल जिले की जिला जेल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां सात साल की सजा काट रहे कैदी प्रकाश बाबूराव सतपुते की रिहाई तय होने से ठीक पहले अचानक मौत हो गई। प्रकाश मूल रूप से मुलताई क्षेत्र के घाट-अमरावती का निवासी था और वर्ष 2022 में धारा 304(बी) के तहत सात वर्ष की सजा के लिए जेल भेजा गया था।
कार्रवाई करने पहुंची प्रशासन की टीम।- फोटो : अमर उजाला
ईज़ी ट्रांसफर, विस्तारFollow Us1. भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं घोषित करेगी। 2. बिहार चुनाव में जीत के बाद भी भाजपा नीतीश कुमार को सीएम नहीं बनाएगी। 3. नीतीश कुमार बीमार हैं, बिहार के मतदाता उन्हें सीएम नहीं बनाएंगे।- यह तीन बातें पिछले साल, यानी 2025 में विपक्ष ने खूब प्रचारित की थी। यह सब बेकार चला गया तो 2026 की मियाद के साथ यह प्रचारित किया जा रहा है कि वह रिटायर हो जाएंगे। लेकिन, नीतीश कुमार तो अलग मूड में हैं। जवाब तो उन्होंने चुनाव के दौरान भी दिया, जीत के बाद भी। अब नए साल की शुरुआत के साथ और बड़े स्तर पर जवाब देने जमीन पर उतर रहे हैं।
ऑफर गेम भारत–यूके सैन्य अभ्यास ‘अजेया वारियर–25’- फोटो : अमर उजाला
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
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