बोनस पॉइंट्स
वीआईपी विज़िट
वीडियो मोबाइल, Inc
दैनिक कमाई
💢ऐप💢विस्तारFollow Usबांसवाड़ा शहर के कागदी पिकअप वियर से निकलने वाली माही परियोजना की दायीं मुख्य नहर में बारी सियातलाई गांव के पास उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक मानसिक अस्वस्थ महिला ने आत्महत्या करने के इरादे से नहर में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस नियंत्रण कक्ष से कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी गई।
️इनवाइट डिपॉजिट,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदाPublished by:शिखा पांडेयUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:01 PM IST
शेयर कम्पलीट, बालाघाट में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।- फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।
सारइंदिरा सागर परियोजना से प्रभावित किसानों को मुआवजा न मिलने पर बड़वानी प्रशासन संकट में है। सुप्रीम कोर्ट तक आदेश बरकरार रहने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। अदालत ने कलेक्टर कार्यालय सहित भूमि कुर्क कर नीलामी की चेतावनी दी है। कलेक्टर की गैरहाजिरी से स्थिति गंभीर बनी, प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठे।
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:48 AM IST
सिल्वर विथड्रॉ,
वीडियो सब्सक्राइब सारजिला चिकित्सालय में 75 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिसमें 25 पुरानी बिल्डिंग में तथा 50 नए भवन में लगाए गए हैं। इनकी तस्वीरों की गुणवत्ता बहुत खराब है। इस वजह से आऱोपियों की पहचान नहीं हो पा रही है।
ऐप ऑफर, विस्तारFollow Usराजस्थान में बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस निर्णय पर कड़ा एतराज जताते हुए राज्य की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। गहलोत ने इसे न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अव्यावहारिक बताया, बल्कि आमजन के हितों के खिलाफ लिया गया फैसला करार दिया है।







