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💢सुपर डाउनलोड💢विस्तारFollow Usबस स्टैंड छतरपुर के पास स्थित मस्जिद की सुरक्षा में तैनात पुलिस बल के टेंट में आग लगाकर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में बुधवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव, जिला छतरपुर के न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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भिंड कलेक्टर को मुक्का बताते विधायक नरेंद्र कुशवाह।- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तारFollow Usजिले के दबोह क्षेत्र में पुरानी रंजिश ने खौफनाक रूप ले लिया। रायपुरा गांव में दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान पांच लोगों ने मिलकर अली उर्फ रुद्रप्रताप सिंह जाटव पर लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक का मामा भी गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया।
तीन दिन से लापता युवक का शव शनिवार को बरामद होने के बाद क्षेत्र में सनसनी मच गई है। हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए युवक की हत्या के बाद मशीन (हेक्सा ब्लेड) से उसके शरीर के तीन टुकड़े कर दिए और पहचान छिपाने के लिए सिर व पैर गंगा में फेंक दिए। मामला भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत राघोपुर पंचायत के शाहपुर पुलिया के पास की है। मृतक की पहचान कहलगांव के मकसपुर निवासी अभिषेक कुमार के रूप में की गई है। पुलिस ने इस मामले में मृतक के तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है।
विस्तारFollow Usखांसी की सिरप Dextromethorphan HBr Syrup से बच्चों की तबियत बिगड़ने के मामले में राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी सामने आए हैं। मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा में भी खांसी की सिरप को पीने से 6 बच्चों की मौत हो गई है। राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर ने इस दवा के साथ अब सभी तरह की कफ सिरप की सप्लाई पर तत्काल रोक लगा दी है।
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दैनिक पॉइंट्स
सारपंजाब के पटियाला में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गोल्डी ढिल्लों के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से विदेशी हथियार मिले हैं। पुलिस की गोली लगने से दोनों घायल हुए हैं।
वेरिफाई लॉग इन, विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।







