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💢पुराना डाउनलोड💢चंबा। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद बाट पंचायत के चैन लाल ने बागवानी में सफलता हासिल की है। उन्होंने बगीचा तैयार कर एक हजार कीवी के पौधे लगाए हैं। इनमें अब उन्हें सालाना 15 लाख रुपये की कमाई हो रही है। वह क्षेत्र में कीवी बागवान के रूप में पहचाने जाने लगे हैं।
️प्लेटिनम साइन अप,बिजनौर। जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को महात्मा विदुर सभागार में पत्रकार वार्ता में वीबी जी राम जी की विशेषताओं का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि योजना में पहले 100 दिन रोजगार देने की गारंटी थी। अब पंजीकृत श्रमिक को 125 दिन रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। कहा कि सरकार ने किसानों के हितों को देखते हुए फसल कटाई, बुवाई के समय कुल मिलाकर 60 दिन कार्य बाधित रहेगा। इससे किसानों को श्रमिकों को लेकर परेशानी नहीं होगी। योजना के तहत अगर श्रमिकों को समयावधि में भुगतान नहीं होता है, तो उन्हें ब्याज के साथ मजदूरी की धनराशि दी जाएगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते कांग्रेसी- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
फ्री विज़िट, पुतला दहन कर विरोध करते भाजयुमो के कार्यकर्ता- फोटो : अमर उजाला
खुर्जा जंक्शन पर क्रेन की मदद से पुराने एफ़ओबी का रैंप हटाते रेलवे कर्मचारी। संवाद
ज्ञानपुर। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में बेटियां को अब गर्म रोटी खाने के लिए मिलेगी। 4.25 लाख रुपये से प्रति घंटे दो हजार रोटी बनाने वाली मशीन खरीदी जाएगी। इसके साथ ही कॉमर्शियल वाशिंग मशीन और जनरेटर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
ऑन जॉब ट्रेनिंग कम इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत व्यावहारिक प्रशिक्षण किया प्राप्त
दैनिक कम्पलीट, भदोही। मूंसीलाटपुर में सोमवार को बिजली कनेक्शन काटने गई बिजली निगम की टीम के साथ ग्रामीणों ने मारपीट की। घटना से नाराज बिजली कर्मचारियों ने कोतवाली में प्रदर्शन किया। तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
लॉग इन वेरिफाई सारबीजापुर नगर में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार रात ताज होटल में छापा मारा। इस दौरान डाक विभाग से जुड़े चार कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
विस्तारFollow Usबीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब यह अधिकार समाप्त हो गया है और सरकार की मर्जी से काम मिलेगा।
विन, अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 27 Dec 2025 07:43 PM IST







