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💢सब्सक्राइब कम्पलीट💢विस्तारFollow Usवनमंडल अंतर्गत कूप कटाई को लेकर हाल के दिनों में ग्रामीणों के बीच असमंजस और आपत्तियों की स्थिति बनी हुई थी। इसी संदर्भ में वन विभाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने कहा है कि कूप कटाई पूरी तरह शासन के प्रावधानों पर्यावरणीय नियमों और ग्रामसभा की प्रक्रिया के अनुरूप ही की जा रही है।
️अल्ट्रा कैश,विस्तारFollow Usबीकानेर में नाल सिविल एयरपोर्ट पर शनिवार रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब दिल्ली जाने वाली फ्लाइट के लिए चेक-इन कर रहे एक फ्रांसीसी दंपति के बैग से जानवर की खोपड़ी जैसी दिखने वाली संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद दोनों पर्यटकों को हिरासत में लिया गया।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:43 AM IST
कमेंट गेम, अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sat, 10 Jan 2026 12:33 PM IST
सारCG Politics: Amit Jogi; जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़-जे (जेसीसी-जे) के सुप्रीमो अमित जोगी हमेशा अपने नये अंदाज के लिये जाने जाते हैं।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
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गोल्ड वॉच चंबा। नए बस स्टैंड तत्वानी के पास हाईवे किनारे लगे कचरे के ढेर को आग की भेंट चढ़ा दिया। ऐसे में दमघोटू धुएं से लोगों सहित वाहन चालक काफी परेशान रहे। हैरानी की बात यह है कि इस माह में यह चौथी घटना है, गंदे कचरे से उठने वाला धुआं आसपास के लोगों के लिए गंभीर संकट बन गया है। लोगों का कहना है कि धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है और पर्यावरण लगातार दूषित हो रहा है। दिनदहाड़े आग लगाई जा रही है और इसके बावजूद नगर परिषद और प्रशासन पूरी तरह मौन हैं। सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी धुएं के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिनों भी शहर में कचरे को आग भड़काई गई।
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:32 AM IST
गोल्ड विन, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।







