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️मेगा फ्री,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Fri, 26 Dec 2025 07:52 AM IST
विस्तारFollow Usराजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
बड़ा बोनस, भिवानी। ठिठुरन भरी ठंड और धुंध के चलते रोडवेज बसें के लंबी दूरी के रूटों पर देरी से पहुंच रही हैं। डिपो महाप्रबंधक की ओर से धुंध के दौरान बसों को 40 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ही चलाने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे में सर्दी के मौसम में लंबी दूरी के रूटों पर बसें आधा से पौना घंटा देरी से पहुंच रही हैं।
प्रेम प्रसंग में निकाह से पहले जिस युगल ने ताउम्र साथ निभाने की कसमें खाईं, वह दो सप्ताह में ही जुदा होने को मजबूर हो गए। दोनों ने घरवालों की रजामंदी से पहले तो निकाह किया, फिर आपसी मनमुटाव के बाद अलग रहने का रास्ता चुन लिया। इसे लेकर ग्रामीणों की पंचायत भी हुई। पंचायत में भी दोनों एक साथ रहने को तैयार नहीं हुए।
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक नाबालिग के साथ स्कॉर्पियो में लिफ्ट देने के बहाने सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। घटना में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर लिया है। वाहन चालक अभी फरार है, उसकी तलाश जारी है।
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Thu, 08 Jan 2026 10:52 PM IST
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गेम इनवाइट सारबीकानेर में थानेदार के खिलाफ उसके ही थाने में एफआईआर, झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगा है, फरियादी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।पढ़ें पूरा खबर
विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
विथड्रॉ बोनस, अस्पताल में भर्ती कराया गया नवजात शिशु- फोटो : अमर उजाला







