सब्सक्राइब ऑफर
नया गेट
अल्ट्रा कलेक्ट, Inc
पुराना डिस्काउंट
💢डाउनलोड शेयर💢सारराजस्थान के बीकानेर में वैज्ञानिकों ने ऊंट के खून से एंटी-स्नेक वेनम तैयार कर सर्पदंश के इलाज में नई सफलता हासिल की है। यह नई दवा पारंपरिक घोड़े के खून से बने एंटी-वेनम की जगह ले सकती है, जिससे एलर्जी और गंभीर साइड इफेक्ट्स की समस्या कम होगी।
️अर्न रजिस्टर,बचपन में कटी हुई पतंग तो सभी ने लूटी होगी। इस दौरान कई बार दोस्तों के बीच लूटी हुई पतंग को लेकर आपस में या उसके मालिक के साथ विवाद भी हुए होंगे। लेकिन, बुरहानपुर में पतंग लूटने की बात पर उसके मालिक और लूटने वाले युवक के बीच विवाद मारपीट तक पहुंच गया।
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सुपर विज़िट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:निवेदिता वर्माUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:52 PM IST
विस्तारFollow Usभागलपुर नाथनगर थाना क्षेत्र के डोगछी बायपास पर शनिवार को हुए सड़क हादसे में 10वीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद दोनों को मायागंज अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान छात्र ने दम तोड़ दिया।
बदायूं (यूपी) से मां पूर्णागिरि के दर्शन को जाते समय काली मंदिर क्षेत्र में एक श्रद्धालु की हालत बिगड़ गई। श्रद्धालु को डोली से भैरव मंदिर तक करीब तीन किलोमीटर लाकर 108 सेवा से उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया गया। श्रद्धालु को दिल का दौरा पड़ने का अंदेशा जताया गया है।
इनवाइट पैसे, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:03 AM IST
मासिक सब्सक्राइब मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों के दौरे पर रहे। अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित गांवों में पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों का दुख-दर्द बांटा और हर परिवार को भरोसा दिलाया कि राहत और पुनर्वास के हर कदम पर सरकार और जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं।
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
प्लेटिनम गेट, TOP NewsBangladeshUSUttarakhandआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल







