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️वॉच शेयर,संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:36 PM IST
सारMP:श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नगर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। नेशनल हाईवे और अन्य मार्ग, जो शहर को बाहरी क्षेत्रों से जोड़ते हैं, वहां वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इनवाइट कमेंट,
सारमध्य प्रदेश के अनूपपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट अमनदीप सिंह चावड़ा के घर पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इसी के साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट को जान से मारने की भी धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर अरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
विस्तारFollow Us'आजादी के आंदोलन में आदिवासियों का बड़ा योगदान रहा। प्रकृति की पूजा करने वाले आदिवासियों के कारण ही जल, जंगल और जमीन के साथ ही संस्कृति सुरक्षित है। राजस्थान सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए कृत संकल्पित है।' मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डूंगरपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य स्तरीय जनजाति गौरव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।
Rajasthan Weather Update: राजस्थान में घना कोहरा और शीतलहर का कहर जारी है। 20 जिलों में कक्षा 8 तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जयपुर में विजिबिलिटी शून्य और सर्दी तेज हुई है। रिपोर्ट में जानिए मौसम का पूरा हाल...
वेरिफाई डिस्काउंट, उत्तर प्रदेश में विक्षोभ के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। शुक्रवार को सुबह नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं मथुरा में बूंदाबांदी के साथ ओले भी गिरे। तराई व पश्चिमी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा रहा। पूर्वानुमानों के मुताबिक, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन चढ़ने के साथ गुनगुनी धूप खिली। साथ ही कई जिलों में दिन के तापमान में हल्की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, यूपी के बहराइच जिले से स्कूलों को लेकर अपडेट सामने आया है। अभी स्कूल बंद चल रहे हैं।आइए जानते हैं कब खुलेंगे स्कूल?
क्लिक ऑनलाइन संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 11 Nov 2025 10:13 PM IST
इनवाइट कूपन, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







