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💢पॉइंट्स ईज़ी💢महिलाओं को लघु ऋण देकर जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए कार्य रही क्रेडिट कंपनी के कर्मचारियों ने अमानत में खयानत कर दी। कर्मचारियों ने महिलाओं से दिए गए ऋण की राशि तो वसूल ली लेकिन कंपनी में जमा नहीं कराई। इस पर एरिया मैनेजर ने शाखा प्रबंधक और तीन केंद्र प्रबंधकों के खिलाफ सज्जनगढ़ थाने में प्रकरण दर्ज कराया है।
️पुराना कूपन,बाह। जैतपुर के चौरंगाबीहड़ गांव में खुरपका, मुंहपका की चपेट में आने से रीमा देवी एवं फूलमती की कई बकरियां बीमार हो गई हैं। एक बकरी मर भी गई थी। बकरियां चारा खा पा रही थी और न ही चल पा रही थी। सोमवार को पशुपालन विभाग की टीम चौरंगाबीहड़ गांव पहुंची। बीमार बकरियों का इलाज किया। बकरियां बांधे जाने वाले परिसर की सफाई रखने के लिए पशुपालकों को जागरूक किया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवांगी उदैनिया ने बताया कि सोमवार को विभाग की टीम ने बीमार बकरियों का उपचार किया है। बचाव के लिए पशुपालकों को प्रेरित किया है।
आगर मालवा शहर के बड़ौद रोड चौराहे पर एक युवती से लगातार छेड़छाड़ कर रहा युवक रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। तीन दिनों से पीछा कर परेशान कर रहे आरोपी ने जैसे ही युवती को देखा, फिर से हरकत दोहराने की कोशिश की, लेकिन इस बार राहगीरों ने उसे पकड़ लिया। भीड़ के दबाव पर युवती ने भी चप्पल से आरोपी को पीटा।
डिपॉजिट,
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:29 AM IST
फ्री, नगरपालिका अकबरपुर के लोरपुर में दवा का छिड़काव करता पालिका कर्मचारी।
दैनिक डिपॉजिट जिले से पिता-पुत्र संबंधों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 17 वर्षीय बेटे ने अपने ही पिता की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना अंता थाना क्षेत्र के धाकड़खेड़ी गांव में हुई। पुलिस के अनुसार नाबालिग शुक्रवार को स्कूल से अपने नाना के घर जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी पिता से मुलाकात हो गई। पुलिया के पास दोनों के बीच विवाद बढ़ा और गुस्से में बेटे ने पिता पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दर्दनाक हादसे में किसान दीपक मेहता की मौत- फोटो : अमर उजाला
अतिरिक्त वॉच, विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।







