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💢डायमंड रजिस्टर💢बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मंगलवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हो गया। मतदान के बाद अब मतदाताओं के साथ पूरे प्रदेश को परिणामों का बेसब्री से इंतजार है। अंता उपचुनाव में इस बार कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीयों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी ईवीएम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है।
️क्लिक इनवाइट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Mon, 05 Jan 2026 07:43 AM IST
USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
कमाई फ्रेंड्स, मुसाफिरखाना। एसडीएम अभिनव कनौजिया के कार्य व्यवहार के विरोध में तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी कर प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की। यह विरोध-प्रदर्शन 30 दिसंबर से निरंतर चल रहा है।
फोटो-3-अनंतराम टोला प्लाजा पर मौजूद रैली में शामिल कैडेट्स व कर्नल। संवाद
विस्तारFollow Usभाटापारा में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान उपार्जन केंद्रों में अवैध धान की आवक रोकने के लिए प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर भाटापारा की टीम ने आज दो अलग-अलग स्थानों में दबिश देकर कुल 5,92,250 रुपये मूल्य के 625 कट्टा, लगभग 250 क्विंटल धान जब्त किया।
विशेष ऑनलाइन, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:बारां ब्यूरोUpdated Sun, 04 Jan 2026 08:19 PM IST
लाइक पॉइंट्स अमरोहा। एक तरफ सरकार ग्रामीण इलाकों में छिपी खेल प्रतिभा को उभारने के लिए ब्लॉक स्तर पर स्टेडियम बनवाने का काम कर रही है लेकिन सरकार की यह मुहिम जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिले के सभी छह ब्लॉक क्षेत्र में स्टेडियम का निर्माण होना है लेकिन एक साल से प्रशासन युवा कल्याण विभाग को जमीन मुहैया नहीं करा पाया है। ग्रामीण इलाके के युवा खेतों में खेलने और जान जोखिम में डालकर सड़कों पर दौड़ लगाने को मजबूर है।
विज़िट बोनस, पश्चिमी राजस्थान की राजनीति एक बार फिर जिला सीमाओं के सवाल पर उबाल पर है। बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल ने न सिर्फ प्रशासनिक ढांचे को झकझोर दिया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति को भी आमने-सामने ला खड़ा किया है। कांग्रेस इस फैसले को जनविरोधी और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे संतुलित प्रशासन और विकास की दिशा में जरूरी कदम करार दे रही है।







