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️नया इंस्टेंट,जलबेड़ा। विभाग की कृषि कल्याणकारी योजनाओं को देखते हुए किसानों का झुकाव मिश्रित खेती की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में जलबेड़ा का किसान सुखमिंद्र सिंह मिश्रित खेती कर रहा है। उन्होंने बताया कि रबी के सीजन में 6 एकड़ सरसों की फसल लगाई है। जिसमें से चार एकड़ में पीली सरसों की सीधी बोआई की और दो एकड़ में मशीन से बैड बनाकर सरसों का अच्छी गुणवत्ता वाला बीज डाला। इसमें बरसीम की बिजाई भी की है। उन्होंने बताया कि विभाग की यह योजना कारगर सिद्ध हो रही है। सरसों पकने के बाद उनके पास बरसीम का बीज तैयार हो जाएगा। जिसका बाजार में रेट 100 से 120 रुपये प्रति किलो है। मिश्रित खेती से एकल फसल की अपेक्षा मुनाफा ज्यादा होता है।जलबेड़ा गांव में खेत में खड़ी सरसों व बरसीम की फसल। संवाद
बांदा। धान दराकर वापस लौट रहे ट्रैक्टर सवार किसान को झपकी आने से वह सिर के बल ट्रैक्टर के नीचे गिर गए। हेड एंजरी होने से वह गंभीर घायल हो गए। परिजन उन्हें लेकर जसपुरा सीएचसी पहुंचे। यहां से डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया। वहां उनको डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
इंस्टेंट इंस्टेंट, सारकांग्रेस शासन में भूपेश बघेल सरकार के दौरान खोले गए स्वामीआत्मानंद स्कूल निपनिया में विधायक इन्द्र साव ने आकस्मिक निरीक्षण किया, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं।
राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश करने वाले कश्मीर के अब्दुल अहद शेख के इलाज में चार डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। यह टीमें समय-समय पर उसका स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। फिलहाल उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। श्रीनगर के शोपियां निवासी अब्दुल अहद शेख (55) शनिवार को श्रद्धालुओं की सूचना पर राम मंदिर के परकोटे के पास से हिरासत में लिया गया था।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
छोटा लॉग इन, विस्तारFollow Usबालोद जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग 930 पर झलमला तिराहे में आज कांग्रेस पार्टी ने चक्काजाम किया। इस दौरान बालोद से दुर्ग, भिलाई, रायपुर और धमतरी की ओर जाने वाला हाईवे घंटों तक जाम रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों को अन्नदाता कहने के बजाय उन्हें चोर बता रहा है और उनके घरों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
प्लेटिनम वॉच गोरखपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:42 AM IST
ऐप, 'जिन्हें नसीब नहीं छत, उनकी करें बात, सर्द हवाओं में खुले आसमां तले गुजर रही रात' किसी कवि की कविता की यह पंक्तियां बांसवाड़ा जिले में उन लोगों पर सटीक बैठ रही है, जो बेघर और जरूरतमंद हैं। सर्द हवाओं में जरूरतमंद ठिठुरने को मजबूर हैं, लेकिन जिला प्रशासन और नगर परिषद ने अभी तक ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।







