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💢प्लेटिनम इनाम💢मुजरिया। अवैध कटान रोकने गए वन दरोगा को चार लकड़ी माफिया ने धमका दिया। दरोगा के शिकायती पत्र पर चारों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
️ट्रांसफर स्टूडेंट,विस्तारFollow Usजमुई जिले में अपराध की एक और गंभीर घटना सामने आई है। जमुई–सिकंदरा मुख्य मार्ग पर अगहरा और बरुअट्टा के बीच अज्ञात अपराधियों ने बाजार से घर लौट रहे एक व्यक्ति की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:03 PM IST
ऑफर, चंडीगढ़। डॉ. रुपेश के सिंह को वर्ष 2025–26 के लिए पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीआरसीआई) चंडीगढ़ चैप्टर का सर्वसम्मति से चेयरमैन चुना गया है। इसके साथ ही वे लगातार तीसरे वर्ष इस पद पर बने रहेंगे। यह निर्णय यूटी गेस्ट हाउस में आयोजित पीआरसीआई चंडीगढ़ चैप्टर की वार्षिक आम बैठक में लिया गया।
बूंदी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग बालिका के साथ जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड में दुष्कर्म करने के मामले में बस कंडक्टर और उसके रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:03 PM IST
IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी
लाइक स्टूडेंट, सारभिंड जिले के मालनपुर में महिला उषा बघेल ने शक के चलते अपने नवजात बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। रोकने पर पति जगन्नाथ पर भी हमला किया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया। दंपति ने इसी साल कोर्ट मैरिज की थी, बाद में विवाद बढ़ गया।
वॉच लॉग इन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Fri, 22 Aug 2025 05:01 PM IST
ऐप फ्री, जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।







