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💢वीआईपी टास्क💢अमर उजाला ब्यूरो, बरेलीPublished by:मुकेश कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:42 PM IST
️इंस्टेंट शेयर,नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पहली बार किसी महिला नक्सली ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। नक्सली गतिविधियों से चार दशक से अधिक समय से जूझ रहे इस जिले के लिए यह एक अहम घटना मानी जा रही है। 1992 के बाद यह पहली बार है कि किसी अन्य राज्य के नक्सली ने मध्य प्रदेश सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
इंस्टेंट ट्रांसफर, आलापुर (अंबेडकरनगर)। आलापुर क्षेत्र में श्री शतचंडी महायज्ञ व श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन मां भगवती जगत जननी जगदंबा सेवा संस्थान हुसेनपुर खुर्द की ओर से आगामी 19 जनवरी से किया जाएगा।
विस्तारFollow Usबालोद जिले के उद्यान रोपणी में आयोजित बैठक के दौरान वन समिति के सभापति ने अधिकारियों पर पेड़ों की कटाई को शह देने का आरोप लगाया। इस पर रेंजर ने कहा कि यदि उनकी रेंज में इस तरह की कोई गतिविधि होती है तो जानकारी देने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में एसडीएम और तहसीलदार की जिम्मेदारी होती है।
बलरामपुर के महदेइया बाजार में बैठक कर तैयारियों पर चर्चा करते लोग ।-स्रोत : आयोजक
Balod Road Accident:बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र के घोठिया गांव के पेट्रोल पंप के पास दो बाइकों की जबरदस्त टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
साइन अप, फोटो-22-कुदरकोट में शिकायतें सुनते डीएम व एसपी।संवाद
साइन अप मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर में मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। समनापुर चौक पर एक युवक ने बीच बाजार में युवती का गला रेतकर हत्या कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी चाकू से लगातार वार करता नजर आ रहा है। मौके पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने आरोपी को रोकने की हिम्मत नहीं दिखाई।
बहराइच। काठमांडू में तैनात नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के कांस्टेबल खेम बहादुर सोनार (38) की हत्या कर शव भारतीय सीमा क्षेत्र के जंगल में फेंके जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोतीपुर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कांस्टेबल की पहचान उनके ससुर ने मौके पर पहुंचकर की।
सिल्वर कमाई, गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।







