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💢अतिरिक्त साइन अप💢मनरेगा में किए जा रहे बदलावों के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी की गिरफ्तारी और छात्र कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने सोमवार को सरगुजा जिला के अंबिकापुर में घड़ी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष आशीष जायसवाल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान मोदी-योगी का पुतला दहन कर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
️डायमंड साइन अप,आलापुर (अंबेडकरनगर)। रामनगर बाजार की सब्जी मंडी में इन दिनों हरी सब्जियों की आवक लगातार बढ़ रही है, जिससे फुटकर बाजार में दामों में 8 से 20 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय किसानों की सक्रिय भागीदारी और बेहतर आपूर्ति के चलते सब्जियों की उपलब्धता बढ़ी है, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है।
बागेश्वर। क्षेत्र के मुस्योली गांव में तेंदुए की दस्तक से पशुपालकों में दहशत है। तेंदुए ने पशुपालक राजेंद्र सिंह की बकरी पर हमला कर उसे मार डाला। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।
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Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
डिस्काउंट कूपन, बांदा। इंदौर में दूषित पानी के सेवन से मौतों के बाद भी जिम्मेदार चेत नहीं रहे हैं। शहर में 56 हजार परिवारों को शुद्ध पीने का पानी मुहैया कराने के दावे जमीनी सच्चाई के सामने तालमेल नहीं खा रहे। केन नदी व नलकूपों से पानी स्टोर करने के लिए बनी पानी की टंकियां सालों से साफ नहीं हुई। हालांकि किसी टंकी में मई तो किसी में अप्रैल महीने में सफाई का उल्लेख किया गया है।
फ्री 73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
सारबालोद जिले के रहने वाले खोमेंद्र साहू 19 दिसंबर को टेंट उतारकर गाड़ी पर लोड करने ऊपर चढ़े थे, तभी 11 केवी हाईटेंशन लाइन से संपर्क में आने से गंभीर रूप से झुलस गए।
विशेष ईज़ी, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Wed, 12 Nov 2025 05:36 PM IST







