अल्ट्रा ऑनलाइन
विज़िट लाइक
स्टूडेंट, Inc
इनवाइट
💢दैनिक कमेंट💢सारबीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के तहत संचालित पोर्टाकेबिन आवापल्ली में अध्ययनरत कक्षा छठवीं की छात्रा मनीषा सेमला की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
️वीआईपी वेरिफाई,संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:56 PM IST
विस्तारFollow Usराजस्थान के उत्तर-पश्चिमी जिलों में घने कोहरे का असर देखने को मिला, जिससे बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, नागौर सहित कई इलाकों में दिन का तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। उत्तरी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, आज भी राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में हल्के से मध्यम और कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। साथ ही आने वाले दिनों में उत्तरी हवाओं के प्रभाव से तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे सर्दी का असर बढ़ेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और झुंझुनूं के क्षेत्रों में घना कोहरा दर्ज किया गया। हालांकि, कोहरे और कमजोर हवाओं के कारण राज्य के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे सुबह और शाम की ठंड अपेक्षाकृत कम महसूस हो रही है।
साप्ताहिक ईज़ी,
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में देशभर के दलित और आदिवासी संगठनों ने सोमवार को राजधानी भोपाल में भोपाल डिक्लेरेशन-2 के ड्राफ्टिंग सत्र की शुरुआत की। यह पहल भोपाल डिक्लेरेशन-1 की 25वीं वर्षगांठ से पहले की गई और इसका उद्देश्य SC-ST वर्ग के अधिकारों, रोजगार, भूमि, शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े एजेंडे को नए संदर्भ में तैयार करना है। दिग्विजय सिंह ने प्रेस वार्ता में पुराने अनुभवों, सामाजिक बदलावों और प्रशासनिक विफलताओं पर खुलकर बात रखी।
इनवाइट पैसे, गंगा एक्सप्रेस-वे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी गाड़ियां। संवाद
सर्वे ऑफर
साइन अप वीडियो, सारपं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय के 90दिन के शोध में पाया गया कि आयुर्वेदिक काढ़े से 73% किडनी स्टोन मरीजों को बिना ऑपरेशन राहत मिली। अध्ययन में 10 मिमी से कम पथरी वाले मरीजों को विशेष काढ़ा दिया गया, जिससे पथरी का आकार कम हुआ या बाहर निकल गई। शोध आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित है और यह सुरक्षित व प्रभावी विकल्प साबित हुआ।







