ऑफर ईज़ी
विशेष बोनस
साप्ताहिक इनवाइट, Inc
छोटा वीडियो
💢मासिक डाउनलोड💢सारअजमेर दरगाह परिसर में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़ा मामला एक बार फिर टल गया है। शनिवार को सिविल कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई वकीलों के वर्क सस्पेंड के कारण नहीं हो सकी।
️साप्ताहिक टास्क,विस्तारFollow Usअनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दूधमनिया में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शराब के नशे में एक युवक हाई टेंशन विद्युत टॉवर पर चढ़ गया। युवक को टावर पर चढ़ा देख स्थानीय लोगों ने तत्काल 112 पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दी।
सारतुर्कमान गेट हिंसा में आरोपी यूट्यूबर की तलाश में दिल्ली पुलिस ने सैदनगली में दबिश दी। आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आया। हिंसा भड़काने के मामले में यूट्यूबर की भूमिका सामने आई थी। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
मेगा पॉइंट्स, अंबिकापुर के अधिवक्ता नीरज वर्मा ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के सामने एक कंप्लेंट केस फाइल किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महावीर हॉस्पिटल में गत दिनों उनकी बेटी कु. आंचल वर्मा को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था,उसे टाइफाइड और डेंगू का पता चला था और क्योंकि प्लेटलेट काउंट कम हो रहा था, इसलिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन की ज़रूरत थी और इसलिए, दो यूनिट ब्लड की ज़रूरत थी। इलाज के दौरान अस्पताल के संचालक डाक्टर सुधांशु किरण और अधिवक्ता नीरज वर्मा के बीच कुछ कहासुनी हुई। नीरज वर्मा का आरोप था कि उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया और सभी सुविधाएं होने के बाद भी मरीज़ का इलाज करने से मना किया गया था।चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट,अंबिकापुर के आदेश पर गांधी नगर पुलिस ने अस्पताल संचालक पर एफ आई आर दर्ज किया था।
अंबरनाथ नगर परिषदशक्सगाम घाटी पर भारत की लताड़ से बौखलाया चीनयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJadeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'महारानी कामसुंदरी देवी को भतीजे ने दी मुखाग्निडिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढा
इंस्टेंट लॉग इन, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:18 AM IST
अतिरिक्त पॉइंट्स संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:56 PM IST
प्लेटिनम टास्क, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







