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💢पुराना मोबाइल💢सारसूरजपुर के रामानुजनगर में निजी स्कूल की शिक्षिका ने नर्सरी के छात्र को होमवर्क न करने पर घंटों पेड़ से रस्सी से लटकाए रखा, वीडियो वायरल होने पर अभिभावकों ने हंगामा किया।
️विथड्रॉ कैश,सारआवेदन का प्रारूप विभाग की वेबसाइट http://mpwcdmis.gov.inपर उपलब्ध है या जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। अधिकांश पुरस्कारों की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2025 है, जबकि कुछ के लिए 5 जनवरी 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं।
सारBetul News:पुराने समय से चली आ रही रंजिश ने रविवार देर रात हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान एक युवक ने मटन काटने वाले चाकू से दूसरे युवक पर हमला कर दिया। इस दौरान बीच बचाव करने आया एक युवक भी हमले में घायल हो गया।
स्टूडेंट पॉइंट्स,
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:19 PM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
रिवॉर्ड्स मोबाइल, अमर उजाला नेटवर्क, राजनांदगांवPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 09 Jan 2026 05:33 PM IST
सुपर रजिस्टर सारबीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया।
पीडीडीयू नगर। विद्युत निगम की ओर से जिले में लोगों के घरों में अभियान चलाकर बिजली के पुराने मीटर के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। चंदासी उपकेंद्र से जुड़े करीब 85 हजार उपभोक्ताओं में करीब आधे के घरों व प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। पुराने मीटर में जहां हर माह बिजली का बिल आसानी से निकल जाता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद ऑनलाइन बिल रेगुलर नहीं आ रहा है जिससे उपभोक्ता परेशान हैं।
अल्ट्रा इंस्टेंट, 11 जनवरी को सर्व आदिवासी समाज की बैठक- फोटो : अमर उजाला







