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💢कमाई ऐप💢जिले के बज्जू थाना क्षेत्र के 6 एमडीएम मोडायत से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानी रिश्तों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कलयुगी बेटे योगराज ने अपने ही पिता गोपीराम बिश्नोई की हत्या कर परिजनों के सामने झूठ की ऐसी कहानी रची कि अंतिम संस्कार तक किसी को शक तक नहीं हुआ।
️बड़ा रजिस्टर,भिवानी। शहर का दायरा और आबादी बढ़ने के साथ ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांटों पर दूषित पानी की निकासी का दबाव बढ़ गया है। इतना ही नहीं औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए 18 करोड़ रुपये से बने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट भी पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने के कारण करीब दो साल से खामोश पड़ा है। बिना ट्रिटमेंट के दूषित पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में छोड़ा जा रहा है जिससे किसान सिंचाई से भी तौबा कर रहे हैं।
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विथड्रॉ फ्रेंड्स,
विस्तारFollow Usभीलवाड़ा के जसवंतपुरा स्थित सीएनजी पंप पर हुए विवाद और मारपीट के बाद निलंबित आरएएस अधिकारी छोटूलाल शर्मा ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई दी है। शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपिका व्यास उनकी वैध पत्नी हैं और वर्ष 2024 में दोनों ने विवाह किया था।
फ्रेंड्स कलेक्ट, चंडीगढ़। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह वार्षिक पुरस्कार आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के अमूल्य योगदान व निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिया जाता है। पुरस्कार की घोषणा हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर की जाती है।
ऑफर विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
रजिस्टर ईज़ी, घटना स्थल की तस्वीर, टक्कर के बाद क्षतिग्रस्त खड़े हुए दोनों वाहन।- फोटो : अमर उजाला







