अतिरिक्त रजिस्टर
अतिरिक्त मोबाइल
इनवाइट रिवॉर्ड्स, Inc
अतिरिक्त कमाई
💢कलेक्ट इनाम💢Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
️विज़िट विज़िट,
संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।- फोटो : अमर उजाला।
इनवाइट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Thu, 08 Jan 2026 07:27 PM IST
सारसीबीआई कोलकाता की आर्थिक अपराध शाखा ने नाबार्ड भोपाल से एग्रो क्लस्टर के नाम पर 13.99 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों ने फर्जी एग्रीमेंट कर लोन राशि की हेराफेरी की। परियोजना पूरी न होने पर खाता एनपीए घोषित हुआ।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेलीPublished by:मुकेश कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:32 PM IST
वीडियो सब्सक्राइब, बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने 15 हजार से ज्यादा मतों से जीत हासिल की है। यहां भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53868 वोट मिले हैं। जानकारों का कहना है कि अंता चुनाव में भाजपा ने अपने प्रमुख नेताओें को प्रचार के लिए उतारा था। इसमें वसुंधरा राजे और सीएम भजनलाल दोनों के नाम शामिल थे। दोनों ने यहां प्रचार किया था। इसके बाद भी भाजपा को यहां जीत नहीं मिली है। अंता विधानसभा सीट झालावाड़ लोकसभा में आती है जहां से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह सांसद हैं। इसके बाद भी भाजपा पीछे रही। ये माना जा रहा है कि नरेश मीणा के यहां से उतरने की वजह से चुनाव त्रिकोणीय हो गया। इसका सीधा नुकसान भाजपा को हुआ है। अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने जीत दर्ज कर ली। प्रमोद को 69462 वोट मिले। वहीं भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53868 वोट मिले। इसके साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को 53740 वोट मिले।
इंस्टेंट लॉग इन विस्तारFollow Usकहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Wed, 07 Jan 2026 04:15 PM IST
गोल्ड रजिस्टर, संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:27 PM IST







