गोल्ड गेट
कैश
वीडियो ऑफर, Inc
छोटा गेट
💢लाइक ईज़ी💢
️ऐप,विस्तारFollow Usएशिया की सबसे बड़ी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पिछले कुछ अरसे से सेना के वाहनों से पेट्रोल-डीजल चोरी हो रहे हैं। इस रेंज पर सेना युद्धाभ्यास करती है। लेकिन रेंज के एक बड़े हिस्से पर आज भी ग्रामीण काबिज हैं। ऐसे में सेना ने रेंज से सटे करीब 40 गांवों को चेतावनी पत्र जारी किया है कि रेंज में कोई व्यक्ति अवैध रूप से प्रवेश करता है तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही सेना ने पत्र में यह भी कहा है कि रेंज में तैनात संतरी अब हथियार के साथ रहेंगे। यदि कोई व्यक्ति इसमें अनाधिकृत रूप से प्रवेश करता है तो संतरी हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं। सेना ने गांवों के सरपंचों से अनुरोध है किया है कि वे अपने गांव के लोगो को इस पत्र के बारे मे अवगत करावे अगर किसी के साथ भी ऐसी घटना घटती हे तो वह व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज की कोई ज़िम्मेदारी नही होगी
विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक दिन पहले यानि 15 नवंबर शनिवार से धान खरीदी शुरू हो गई है। पहले दिन कर्मचारियों के हड़ताल के कारण कई केन्द्र में धान खरीदी नहीं हो सकी है। ऐसे में अब जिला प्रशासन जिले में एस्मा लागू कर दिया है। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने बताया कि धान खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार का व्यवधान, देरी या लापरवाही बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होगी। शासन ने धान खरीदी जैसे अति आवश्यक कार्य को जारी रखने के लिए आवश्यक सेवा संरक्षण कानून (एस्मा) लागू कर दिया है, जिसके तहत शासन ने सख्त चेतावनी भी जारी की है।
कम्पलीट कलेक्ट, Cough Syrup Death Case: राजस्थान की निशुल्क दवा योजना में खांसी की सिरप की क्वालिटी चेक के लिए वितरण रोका गया है। नमूने राज्य औषधि प्रयोगशाला भेजे गए। अन्य खांसी दवाओं की भी पुनः जांच जारी।
चुवाड़ी के बल्ली में बना आधुनिक सामुदायिक भवन। संवाद
T20 WCविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJagdeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'
विथड्रॉ मोबाइल, सर्द रात में फसल की रखवाली करते किसान- फोटो : संवाद
डाउनलोड कूपन पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की प्रेसवार्ता- फोटो : अमर उजाला
रिसीव वेरिफाई, सारआठ जनवरी को हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग नई बिजली दरों को लेकर जन सुनवाई कर रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या आयोग दरें बढ़ाने से पहले बकाया वसूली को लेकर बिजली निगमों को सख्त और स्पष्ट दिशानिर्देश देगा या फिर बोझ आम उपभोक्ताओं पर ही डाला जाएगा।







