अतिरिक्त कैश
बोनस सब्सक्राइब
अल्ट्रा स्टूडेंट, Inc
कैश पैसे
💢ट्रांसफर ईज़ी💢छत्तीसगढ़ सरकार ने संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के विकासखंड खड़गवां से आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ‘जर्नी ऑफ सेनिटेशन हाइजिन’ (जोश) कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर औपचारिक शुभारंभ किया।
️रिवॉर्ड्स क्लिक,
बीजापुर में विधायक विक्रम मंडावी ने आज जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग का बीजापुर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां संविधान की पांचवीं अनुसूची लागू है। 25 जनवरी 1994 से पंचायती राज व्यवस्था के साथ ही प्रदेश में पेसा कानून भी लागू है। इनके तहत ग्राम सभा सर्वोपरि है और गांव में किसी भी विकास कार्य के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। यह संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है।
स्टूडेंट, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।Published by:Krishan SinghUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:44 PM IST
बरामद सामग्री के साथ मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी।- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Usमिथिला अंचल के लिए एक ऐतिहासिक युग के समापन की खबर सामने आई है। दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी और अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के निधन से पूरे मिथिला क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। महारानी पिछले छह महीनों से अस्वस्थ चल रही थीं और उन्होंने दरभंगा स्थित कल्याणी निवास में अंतिम सांस ली।
वेरिफाई कमेंट, सारमध्यप्रदेश पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में साहस और उत्कृष्ट सेवा दिखाने वाले 61 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति देकर सम्मानित किया है। यह निर्णय जवानों के मनोबल को बढ़ाने और नक्सल विरोधी कार्यों को और प्रोत्साहित करने के लिए लिया गया है।
कमाई भिंड में सोमवार को मिहोना बायपास पर एसडीएम की गाड़ी को रेत माफिया के ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। एसडीएम विजय सिंह यादव अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने पहुंचे थे। गनीमत रही कि इस दौरान किसी को चोट नहीं आई। एसडीएम की गाड़ी को आगे से नुकसान हुआ है।पुलिस ने मौके से रेत से भरी दो ट्रॉलियां जब्त की हैं।
लोनिवि पोखरी में चार सहायक अभियंताओं में से एक पर ही है तैनाती
इनवाइट टास्क, चंपावत। नगर के बालेश्वर मंदिर समूह में खंडित मूर्तियों संग्रहालय में रखने की तैयारी की जा रही है। संग्रहालय निर्माण के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग ने प्रशासन से जमीन देने की अपील की है। बालेश्वर मंदिर को राष्ट्रीय विरासत स्मारक के रूप में वर्ष 1952 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने संरक्षित किया था। चंद शासकों ने 13वीं सदी में बालेश्वर मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर में मौजूद शिलालेख के अनुसार यह मंदिर वर्ष 1272 में बना था।







