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💢फ्रेंड्स वेरिफाई💢जिला चिकित्सालय बैतूल के परिसर में भ्रूण मिलने से सनसनी फैल गई। शौचालय के एक चैम्बर में पड़े नवजात के भ्रूण की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू की।
️वीआईपी फ्री,चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) इस माह कई व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री करेगा। एचएसवीपी ने ई-नीलामी का ब्योरा तैयार कर लिया है। 28 जनवरी से ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। एचएसवीपी ने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बोली की योजना तय की है। एचएसवीपी ने नीलामी के लिए नियमों में बदलाव किया है। बीते साल 19 सितंबर को संशोधित ई-नीलामी नीति के अनुसार बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे होटल, बहु मंजिला इमारतों के लिए अब केवल न्यूनतम दो ईएमडी (बयाना राशि जमा करना) ही अनिवार्य होंगी। इस श्रेणी के लिए 31 जनवरी को ई-नीलामी होगी।
विधायक सुनील सांगवान के आवास पर पत्रकारों से बात करते सांसद धर्मबीर सिंह।- फोटो : 1
फ्री पॉइंट्स, विस्तारFollow Usखजुराहो-विश्व पर्यटन नगरी में 11वें अंतरराष्ट्रीय खजुराहो फिल्मोत्सव का शुभारंभ हो गया। समारोह का उद्घाटन शाम साढ़े छह बजे फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने किया। सात दिवसीय फिल्म फेस्टीवल 22 दिसंबर तक चलेगा। फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने इस मौके पर कहा कि हम सभी कलाकार जनता से मिली लोकप्रियता के कारण प्रसिद्ध हो पाते हैं, इसलिए हमें हीरो बनाने वाली जनता असली हीरो होती है।
बनीखेत (चंबा)। बनीखेत-खैरी मुख्य मार्ग पर आपदा के समय हुए भूस्खलन के निशान आज भी साफ दिखाई दे रहे हैं, जो कि लोक निर्माण विभाग की उदासीनता को दर्शा रहे हैं। आपदा के दौरान आनन-फानन में मार्ग को अस्थायी रूप से सुचारु तो कर दिया गया, लेकिन भूस्खलन से प्रभावित कई स्थानों पर सड़क की हालत आज भी बदहाल बनी हुई है।
बिजनौर। काकरान वाटिका में रविवार को हिंदू सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में नवदुर्गा की झांकी का प्रदर्शन हुआ, जिसमें महिषासुर का मर्दन किया गया। सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संत गोपाल दास महाराज ने कहा कि हिंदू संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति है, जिसने हमेशा ही विश्व को सही दिशा देने का कार्य किया है।
मेगा रिसीव, चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।
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प्लेटिनम पैसे, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Sat, 27 Dec 2025 08:27 AM IST







